रांची
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को बताया कि मुज़फ्फरपुर हवाई अड्डे के विकास और उन्नयन की एक महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गयी है।
सम्राट चौधरी ने बयान जारी कर बताया कि इस परियोजना के तहत मौजूदा हवाई अड्डे को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन योग्य बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत प्री-फैब स्टील संरचना आधारित टर्मिनल भवन, प्री-इंजीनियडर् एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर, प्री-इंजीनियडर् अग्निशमन केंद्र तथा अन्य सहायक भवन और सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। यह संपूर्ण कार्य इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर संपन्न किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 28.58 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। निर्माण कार्य की अवधि 11 माह तय की गई है, एयरपोट्र्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने इस परियोजना के लिए ऑनलाइन ई-टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
क्षेत्रीय संपर्क, निवेश और पर्यटन को मिलेगी नई गति
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मुज़फ्फरपुर हवाई अड्डे का उन्नयन उत्तर बिहार में हवाई सेवा का विस्तार है। इससे क्षेत्रीय संपर्क, निवेश और पर्यटन को नई गति मिलेगी। साथ ही उत्तर बिहार के लोगों को आधुनिक और बेहतर हवाई सेवा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम बिहार को विमानन क्षेत्र में नई ऊंचाई प्रदान करेगा और राज्य के आर्थिक तथा सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी और प्रदेश में नीतीश कुमार के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार, बिहार में हवाई सेवा को विश्वस्तरीय बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल में ही पटना के लोक नायक जयप्रकाश नारायण हवाई अड्डा का जहां कायाकल्प हुआ है, वहीं गया हवाई अड्डा को भी अपग्रेड किया गया है। सूबे में उड़ान योजना के तहत दरभंगा और पूर्णिया हवाई अड्डा से देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए हवाई सेवा का लाभ बिहार के लोगों को मिल रहा है। और अब इसी कड़ी में मुज़फ्फरपुर हवाई अड्डा का विकास इसे नई उंचाई पर पहुंचाएगा।
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