छत्तीसगढ़ में नक्सली विस्फोट का शिकार बना हाथी, इलाज के दौरान मौत

राज्य

चाईबासा

झारखंड के सारंडा वन्यजीव अभयारण्य में पिछले सप्ताह कथित तौर पर माओवादियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुई 10 वर्षीय मादा हाथी की रविवार सुबह मौत हो गई। यह जानकारी वन अधिकारियों ने दी।

सारंडा प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) अविरूप सिन्हा ने बताया कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर थाना क्षेत्र के अंकुआ वन अभ्यारण्य में लगाए गए एक आईईडी पर पैर रखने से हथिनी के दाहिने पैर में गंभीर चोटें आईं। सिन्हा ने बताया कि विभाग को पिछले सोमवार को घायल हाथी के बारे में सूचना मिली थी और उसका इलाज शुरू कर दिया गया था। सिन्हा ने कहा, "सारंडा वन्यजीव अभयारण्य में चाईबासा और ओडिशा के राउरकेला और क्योंझर वन प्रभागों के पशु चिकित्सकों की टीम को तैनात किया गया था। घटनास्थल पर एक मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई तैनात की गई थी और वंतारा (गुजरात) से एक विशेषज्ञ टीम भी बचाव और उपचार प्रयासों में शामिल हुई थी।"

वन अधिकारी ने बताया, "पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, हाथी की मौत सेप्टीसीमिया के कारण हुई, जिसके कारण उसके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया।" इस घटना ने क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि नक्सलियों द्वारा लगाए गए विस्फोटक अब न केवल सुरक्षा बलों के लिए बल्कि वन्यजीवों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। वन अधिकारियों ने बताया, "उसे बेहोश कर दिया गया और एंटीबायोटिक्स व दर्द निवारक दवाएं दी गईं। टीम ने कई दिनों तक उसकी देखभाल जारी रखी, लेकिन गंभीर चोटों और संक्रमण के कारण हथिनी की जान नहीं बचाई जा सकी।"

 

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