बरेली
उत्तर प्रदेश के बरेली शहर की फिजा अब बदल चुकी है, जहां पहले आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद को लेकर तनाव फैला हुआ था. वहीं अब कुछ परिवार आई लव योगी और आई लव मोदी कह रहे हैं. बीते 26 सितंबर को हुई हिंसा के बाद से शासन-प्रशासन सख्त रवैया अपना रहा है, जिसका असर शहर में देखने को मिल रहा है. दरअसल, बरेली में 27 अवैध कब्जेदारों को नोटिस दी गई है. नोटिस में नगर निगम ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर 15 दिन में अवैध कब्जा नहीं हटाया तो मकान-दुकान पर बुलडोजर चलेगा. अब इस नोटिस के मिलने के बाद से मुस्लिम परिवार सीएम योगी से न्याय की गुहार लगा रहा है.
नगर निगम की नोटिस से बदला हाल
बता दें कि बरेली में अवैध कब्जेदारों पर पुलिस और प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद अब मुस्लिम परिवारों ने आई लव योगी और आई लव मोदी कहकर रहम की गुहार लगाई है. मुस्लिम परिवारों का कहना है कि उनके बच्चों ने जो गलती की है उन्हें माफ कर दिया जाए और उनके घरों को ना तोड़ा जाए. तो वहीं नगर निगम के एक्सईएन राजीव कुमार राठी ने बताया कि यह जमीन नगर निगम की संपत्ति है. 8 अक्टूबर को की गई स्थलीय और अभिलेखीय जांच में यह अतिक्रमण पुख्ता पाया गया.
पुलिस पर पेट्रोल बम मारने वाला पकड़ा गया
उन्होंने कहा कि कब्जेदारों को नोटिस देकर 15 दिन की मोहलत दी गई है. तय समय में कब्जा नहीं हटाने पर निगम खुद कार्रवाई करेगा. खर्च भी उन्हीं से वसूला जाएगा और पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा. बरेली पुलिस ने 26 सितंबर को शाहमत गंज में हिंसा के दौरान पुलिस टीम पर पेट्रोल बम से हमला करने के मुख्य आरोपी आरिफ को गिरफ्तार कर लिया है. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी.
मौलाना तौकीर के कहने पर फैली थी हिंसा
पुलिस के अनुसार इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान की अपील पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़की थी. पुलिस का कहना है कि इस दौरान आरिफ ने हिंसा में अहम भूमिका निभाई और उसके खिलाफ कई गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं. विवाद ‘आई लव मुहम्मद’ लिखे पोस्टरों को लेकर शुरू हुआ था, जिसका कथित तौर पर सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने के लिए इस्तेमाल किया गया था. बाद में दंगाइयों ने पथराव किया, गोलीबारी की, दुकानों में तोड़फोड़ की और पुलिस पर पेट्रोल से भरी बोतलें फेंकी, जिससे अफरा-तफरी मच गई.
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