पटना
महागठबंधन सीट बंटवारे की घोषणा अब तक नहीं हुई है लेकिन, भाकपा माले ने अपने आठ निवर्तमान विधायकों को दोबारा चुनाव लड़ने की हरी झंडी दे दी। इतना ही नहीं उन्हें सिंबल भी थमा दिया है। आज से यह सभी अपना नामांकन पर्चा दाखिल करेंगे। इनमें पालीगंज से संदीप सौरव दरौली से सत्यदेव राम, दरौंदा से अमरनाथ यादव, जीरा देवी से अमरजीत कुशवाहा, फुलवारी से गोपाल रविदास, दीघा से दिव्या गौतम, डुमरांव से अजीत कुशवाहा घोसी से रामबली यादव शामिल हैं। माले की ओर से इसकी पुष्टि भी कर दी गई है।
जानिए कौन हैं दिव्या गौतम
दिव्या गौतम का नाम इस बार सबसे अधिक चर्चा में है। क्योंकि वह दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की ममेरी बहन हैं और छात्र नेत्री भी रह चुकी हैं। उन्होंने 2012 में AISA की ओर से पटना विश्वविद्यालय का छात्र संघ चुनाव भी लड़ा था। वह दूसरे स्थान पर रही थीं। इतना ही नहीं उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से ली जाने वाली प्रशासनिक सेवा परीक्षा भी पास की है। किसी कारणवश उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज में पढ़ने का अवसर चुना। दिव्या मूल रूप से खगड़िया जिले के चौथम प्रखंड की पूर्वी बैरन पंचायत निवासी हैं। अब इस बार दीघा विधानसभा से भाजपा वाले ने उन्हें उम्मीदवार बनाया है।
महागठबंधन में सीट बंटवारे की घोषणा आज
बता दें कि महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर जो पेज फंसा हुआ था वह लगभग खत्म हो चुका है। राजद और कांग्रेस के बीच सारी बात फाइनल हो चुकी है मुकेश सहनी को भी तेजस्वी यादव ने लगभग मना लिया है। सूत्र बता रहे हैं कि सभी घटक दलों की सहमति के बाद महागठबंधन ने सीट बंटवारे का फार्मूला करीब करीब तय कर लिया है। संभावना है कि आज शाम तक सीटों का एलान भी कर दिया जाए। इधर, वामदल में भाकपा माले को 19 सीट, सीपीआईएम को छह, सीपीआई को चार मिलने की बात सामने आ रही है। इसीलिए वामदल ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।
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