भोपाल
पढ़ाई में कमजोर बच्चों को अलग से क्लास लगाकर होशियार बनाया जाएगा। राजधानी के स्कूलों में त्योहार के बाद यह शुरूआत होने जा रही है। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। यह क्लास दसवीं और बारहवीं कक्षा के लिए होगी। दसवीं और बारहवीं की परीक्षा फरवरी में होगी। पढ़ाई के तीन माह माह बाकी है। ऐसे में राजधानी के स्कूलों में स्पेशल क्लासेस के निर्देश जारी हुए हैं।
इन क्लास में उन बच्चों को अलग से पढ़ाया जाना है जिनका रिजल्ट टेस्ट परीक्षा के दौरान कमजोर है। इसके लिए शिक्षकों की अतिरिक्त ड्यूटी होगी। पढ़ाई की तैयारी के लिए आनन फानन में जारी निर्देश पर शिक्षकों ने आपत्ति जताई। उनका कहना है अधिकांश की ड्यूटी बीएलओ में हैं। पढ़ाने स्टाफ नहीं।
राजधानी में 20 और हायर सेकण्डरी स्कूल
राजधानी में 20 हाई और हायर सेकण्डरी स्कूल हैं। यहां दोनों कक्षाओं में बीस हजार से ज्यादा बच्चे दर्ज हैं। हाल में इनके मासिक टेस्ट कराए गए हैं। ये स्कूल स्तर पर हुए हैं। इनके परिणाम तय करेंगे कितने बच्चों की स्पेशल क्लास होना है।
परीक्षा की तैयारी के बीच बहुत से शिक्षकों की ड्यूटी गैर शैक्षणिक कामों में लगी है। इनमें से कुछ बीएलओ बनाए गए हैं। अध्यापन प्रभावित हो रहा है। रिजल्ट पर असर होगा।- उपेन्द्र कौशल, अध्यक्ष शिक्षक संगठन
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