अपने डिलीट हुए समग्र आईडी को आधार के जरिए तुरंत एक्टिव करने का तरीका

मध्य प्रदेश राज्य

इंदौर
समग्र आईडी प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लिए शुरू की गई महत्वपूर्ण पहचान प्रणाली है। इसके तहत प्रदेश के सभी परिवारों और सदस्यों का एकीकृत डेटा बेस बनाया गया है। सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, पेंशन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य सहायता के लिए यह जरूरी है।

शहरी क्षेत्र में रहने वाले जोनल कार्यालय और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले ग्राम पंचायत में समग्र आईडी बनवा सकते हैं। ई-केवाइसी नहीं होने पर बंद हो चुकी या डिलीट हो चुकी समग्र आईडी को आधार वेरिफिकेशन से दोबारा एक्टिव कराया जा सकता है। समग्र में नाम, जन्म तारीख की जानकारी आधार से अपडेट होती है, इसलिए आधार से समग्र का ई-केवाइसी कराना जरूरी है।
 
यह बात अतुल दुबे, जिला ई-गवर्नेंस प्रबंधक इंदौर ने मंगलवार को हेलो नईदुनिया कार्यक्रम में पाठकों के सवालों के जवाब देते हुए कही। दुबे ने बताया कि पता बदलने पर पुराने वार्ड या ग्राम से अपने समग्र की रिक्वेस्ट नए स्थान के वार्ड या ग्राम में देनी होती है और संबंधित स्थान पर उनकी आईडी को एक्टिव कर दिया जाता है।

स्थान बदलने पर नया समग्र नहीं बनता है, पुराने समग्र को स्थानांतरित कराना पड़ता है। समग्र बनवाने के दौरान जाति का प्रमाण नहीं देने पर सामान्य जाति दर्ज की जाती है। बाद में आवेदक अपना जाति प्रमाण पत्र देकर जाति दर्ज करवा सकते हैं। जाति व्यक्तिगत दर्ज होती है और इसके लिए हर सदस्य का जाति प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है। परिवार के मुखिया के जाति प्रमाण के आधार पर पूरे परिवार की जाति दर्ज नहीं होती है।

 

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