चंडीगढ़
हरियाणा में पिछले 10 दिनों में तीन पुलिसकर्मी आत्महत्या कर चुके हैं। इसमें भी आईपीएस और एसआई का सुसाइड केस बहुत ज्यादा विवाद में है। इसको लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बयान आया है। सीएम सैनी ने आत्महत्याओं को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि जांच जारी है और जल्द ही सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।
गौरतलब है कि 2001 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी वाई. पूरण कुमार (52) ने सात अक्टूबर को सेक्टर 11 स्थित अपने निजी आवास पर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। आईपीएस अधिकारी की कथित आत्महत्या के मामले में मंगलवार को एक नया मोड़ तब आया जब सहायक उपनिरीक्षक संदीप कुमार ने रोहतक के एक गांव में खुद को गोली मारकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली और पूरण कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
यह पूछे जाने पर कि क्या दोनों मामलों में कोई जांच आयोग गठित किया जाएगा या आंतरिक जांच की जाएगी, सैनी ने कहा कि जो घटनाएं हुई हैं वे दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि एक घटना की जांच चंडीगढ़ पुलिस और दूसरी की हरियाणा पुलिस कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने पहले भी कहा था, किसी भी परिवार के साथ अन्याय नहीं करेगी ये सरकार। मैं लगातार कहता रहा हूं कि इस सरकार में गरीबों को भी इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है कि कोई उनका शोषण कर सकता है।
सैनी ने जोर देकर कहा कि दूध का दूध, पानी का पानी होगा। हरियाणा में भाजपा सरकार के तीसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने के अवसर पर पंचकूला में ‘जन विश्वास-जन विकास’ कार्यक्रम को संबोधित करने के बाद सैनी पत्रकारों से बात कर रहे थे। इस बीच हरियाणा पुलिस के एक और एएसआई ने फांसी लगाकर जान दे दी है। यह मामला रेवाड़ी का है। मृतक की पहचान 40 साल के कृष्ण यादव के रूप में हुई है। वह जैनाबाद के रहने वाले थे। बताया जाता है कि कृष्ण यादव ने गृह क्लेश से उकताकर जान दी है। सुसाइड नोट में मृतक कृष्ण यादव ने अपनी मौत का जिम्मेदार पत्नी और ससुराल वालों को ठहराया है।
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