जांच में नया खुलासा: दुर्गापुर गैंगरेप केस में मिले अजीब सबूत, मामले की दिशा बदली

देश

दुर्गापुर

दुर्गापुर गैंगरेप केस में कंडोम की एंट्री हुई है। मामले में पुलिस को अबतक का सबसे बड़ा सबूत हाथ लगा है। पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में MBBS छात्रा से गैंगरेप केस में पुलिस ने 12 कंडोम जब्त किया है। 11 कंडोम पीड़िता के बॉयफ्रेंड के कमरे से और एक कंडोम जंगल से बरामद हुआ है। वहीं पीड़िता का बॉयफ्रेंड लगातार अपने बयान बदल जिससे उसकी भूमिका संदिग्ध हो गई है। 12 कंडोम मिलने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या 11 लोगों ने मिलकर MBBS छात्रा से गैंगरेप किया था।

दरअसल पुलिस ने शुक्रवार को पीड़िता के बॉयफ्रेंड के कमरे और जंगल (रेप वाली जगह) पर तलाशी ली। इस दौरान पीड़िता के बॉयफ्रेंड के कमरे से कंडोम का पैकेट बरामद हुआ, जिसमें 11 कंडोम है। पैकेट में कुल 11 अनयूज्ड कंडोम रखे हुए थे। वहीं एक कंडोम वारदात की जगह पर मिला। पुलिस अब इसे भी अहम सबूत के रूप में देख रही है।

बता दें कि पुलिस ने इस गैंगरेप की वारदात के बाद अब तक 5 आरोपियों और पीड़िता के बॉयफ्रेंड को पहले ही गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पूरे मामले में अब जांच शुरू की और आरोपियों से पूछताछ की। वहीं पीड़िता के साथ जहां पर रेप हुआ उस जगह पर भी पुलिस ने जांच की है और बॉयफ्रेंड का रूम भी अच्छे से खंगाला। पुलिस ने बताया कि पीड़िता का बॉयफ्रेंड लगातार अपने बयान बदल रहा है, साथ ही पहले जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था उनके बयानों से भी बॉयफ्रेंड के बयानों में काफी अंतर है, जिससे पुलिस का शक बढ़ गया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।

बॉयफ्रेंड की भूमिका संदिग्ध
पुलिस ने बताया कि छात्रा और उसका बॉयफ्रेंड जिस रास्ते जंगल गए थे और उस रास्ते की भी जांच हो रही है। पुलिस घटनास्थल पर आरोपियों को लेकर पहुंची और वहां पर सीन रीक्रिएट किया, जिससे आरोपियों की भूमिका तय हो सके। पुलिस ने आरोपियों के उन कपड़ों को भी बरामद किया है जो कि उन्होंने वारदात के वक्त पहने थे। पीड़िता के बॉयफ्रेंड के खिलाफ भी पुलिस अब सबूत इकट्ठा कर रही है और इसी कड़ी में उसके रूम की तलाशी ली गई। पुलिस ने बताया कि उसके रूम से 12 कंडोम वाला पैकेट बरामद हुआ है जिसमें 11 कंडोम ही बरामद हुए हैं।

14 अक्टूबर को बॉयफ्रेंड को अरेस्ट किया गया था
पुलिस ने मंगलवार को पीड़ित के दोस्त वासिफ अली को गिरफ्तार किया था। इससे पहले पुलिस ने मुख्य आरोपी सफीक एसके को भी गिरफ्तार कर लिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य आरोपी की बड़ी बहन रोजीना ने अपने फरार भाई को गिरफ्तार कराने में मदद की। रोजीना ने बताया कि 13 अक्टूबर को जब उसका भाई दुर्गापुर में अंडाल पुल के नीचे उससे मिलने पहुंचा तो वह पुलिस को लेकर वहां पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने उसे घेरकर गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले एसके रियाजुद्दीन, अपू बरुई और फिरदौस एसके को 12 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था।

रियाजुद्दीन पहले पीड़ित छात्रा के मेडिकल कॉलेज में गार्ड था। उसे पांच साल पहले नौकरी से निकाल दिया था। दुर्गापुर पुलिस मंगलवार को पांचों आरोपियों और पीड़ित के दोस्त को लेकर जंगल में घटनास्थल पर पहुंची और उनसे 10 अक्टूबर की रात गैंगरेप के समय अपना-अपना रोल दोहराने को कहा।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry