वाशिंगटन
अमेरिकी लीडर चांडलर लैंगविन ने भारतीयों के खिलाफ सोशल मीडिया पर कई आपत्तिजनक पोस्ट किए हैं। इसे लेकर उन पर जमकर निशाना साधा जा रहा है। फ्लोरिडा के इस राजनेता की टिप्पणियों के खिलाफ सिटी काउंसिल ने निंदा प्रस्ताव पारित किया। रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम के बाद लैंगविन को अब कोई भी एजेंडा तय करने से पहले सहमति लेनी होगी। साथ ही, उन्हें आधिकारिक बयान से रोक दिया गया है और समितियों से भी हटा दिए गए हैं। लैंगविन ने भारतीयों की सामूहिक रूप से निर्वासन की मांग की थी। उसने कहा कि कोई भी भारतीय यूएस की परवाह नहीं करता और वे केवल आर्थिक शोषण के लिए यहां हैं।
चांडलर लैंगविन ने अपनी पोस्ट में भारतीयों पर अमेरिका का शोषण करने का आरोप लगाया। उन्होंने स्टॉकटन हादसे का जिक्र किया, जहां भारतीय मूल के हरजिंदर सिंह पर गैरकानूनी यूटर्न के कारण तीन लोगों की मौत का आरोप है। 2 अक्टूबर को अपनी जन्मदिन की पोस्ट में लैंगविन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सभी भारतीयों के वीजा रद्द करने और उन्हें तत्काल निर्वासित करने की मांग की थी। उसने लिखा, 'आज मेरा जन्मदिन है और मैं चाहता हूं कि ट्रंप सभी भारतीय वीजा रद्द करें और उन्हें तुरंत निर्वासित करें। अमेरिका अमेरिकियों के लिए है।'
अमेरिकी नेता के बयान की कड़ी निंदा
लैंगविन ने कहा कि भारतीय अमेरिकियों की जेब खाली करने के लिए यहां हैं। वे अमेरिका की संस्कृति में घुलमिल नहीं सकते। 18 अक्टूबर की पोस्ट में उन्होंने रूढ़िवादी हिंदुओं और भारतीयों का जिक्र किया जो उनकी निर्वासन की मांग का समर्थन करते हैं। हालांकि, बाद में लैंगविन ने साफ किया कि उनकी टिप्पणियां केवल अस्थायी वीजा धारकों के लिए थीं, न कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए। इन टिप्पणियों के बाद अमेरिका भर में भारतीय-अमेरिकी समूहों ने लैंगविन की कड़ी निंदा की है। उनके इस्तीफे की मांग की जा रही है। इस विवाद ने यूएस में नस्लीय और आप्रवासी मुद्दों पर चल रही बहस को और तेज कर दिया है।
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