टीचरों के तबादले पर शिक्षा विभाग के नए निर्देशों का असर, गहमागहमी बढ़ी

राज्य

लुधियाना
डायरेक्टोरेट ऑफ स्कूल एजुकेशन (सैकेंडरी), पंजाब द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पत्र सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और सभी स्कूल प्रमुखों को जारी किया गया है जिसमें अध्यापक, कम्प्यूटर फेकल्टीज और नॉन-टीचिंग स्टाफ के ट्रांसफर आवेदनों की वेरिफिकेशन को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं।

पत्र के अनुसार, टीचर ट्रान्सफर पॉलिसी-2019 के तहत तबादलों की प्रक्रिया चल रही है और समय-समय पर इसमें संशोधन किए गए हैं। इसी तरह पंजाब आई.सी.टी. एजुकेशन सोसाइटी (पी.आई.सी.टी.ई.एस.) के अधीन कार्यरत कम्प्यूटर फैकल्टीज के लिए भी अलग ट्रांसफर पॉलिसी लागू की गई है। शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार छूट प्राप्त श्रेणी के अंतर्गत आने वाले अध्यापक, कम्प्यूटर फेकल्टीज और नॉन-टीचिंग स्टाफ को अपनी जनरल डिटेल्स, रिजल्ट्स और सर्विस रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी भरने के लिए 8 अक्तूबर से 17 अक्तूबर तक का समय दिया गया था।
तारीख की गलती ने करवाई किरकिरी

हालांकि पत्र में वैरिफिकेशन की तारीख 21 अक्तूबर 2024 से 24 अक्तूबर 2024 लिखी गई है जबकि वर्तमान वर्ष 2025 चल रहा है। यह गलती इस बात का संकेत देती है कि विभाग अपने आधिकारिक दस्तावेजों की जांच और प्रूफ रीडिंग को लेकर कितना लापरवाह है।

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्कूल प्रमुखों/ डी.डी.ओज को ईपंजाब पोर्टल पर स्टाफ मेन्यू में दिए गए ट्रांसफर एंड वैरिफिकेशन लिंक पर जाकर आवेदक द्वारा भरे गए डाटा की जांच करनी होगी। किसी भी त्रुटि की स्थिति में डाटा को सही कर एप्रूव बटन दबाना आवश्यक है। जिन स्कूलों या दफ्तरों में स्कूल प्रमुख/डी.डी.ओ. नहीं हैं, वहां कार्यरत सीनियर अध्यापक या कर्मचारी केवल ट्रांसफर प्रक्रिया के उद्देश्य से आवेदक का डाटा वैरिफाई करेंगे, ताकि समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा हो सके।

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