मोहाली
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के खिलाफ सोशल मीडिया पर प्रसारित एक AI डीपफेक वीडियो मामले में मोहाली की अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए फेसबुक और गूगल को आपत्तिजनक सामग्री हटाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि संबंधित कंपनियां वीडियो से जुड़ा पूरा डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखें, ताकि साक्ष्य नष्ट न हो सकें।
यह आदेश 22 अक्टूबर को जारी किया गया। आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “पंजाब के मुख्यमंत्री का एक डीपफेक वीडियो सोशल मीडिया पर कुछ ‘राइट-विंग ट्रोल्स’ द्वारा शेयर किया जा रहा था। यह पूरी तरह फर्जी वीडियो है। अदालत ने इस सामग्री को इंटरनेट से हटाने के आदेश दिए हैं।”
इस मामले ने सोशल मीडिया पर भारी विवाद और भ्रम की स्थिति पैदा कर दी थी। इसके बाद पंजाब स्टेट क्राइम पुलिस स्टेशन ने कनाडा निवासी जगमन समरा के खिलाफ ‘अश्लील और भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने’ का मामला दर्ज किया। पुलिस के अनुसार, जगमन समरा नाम के फेसबुक अकाउंट (URL: [facebook.com/jagman.samra.369309](https://www.facebook.com/jagman.samra.369309)) से कई आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट की गईं, जिनका उद्देश्य विभिन्न समूहों में वैमनस्य फैलाना था।
पुलिस की शिकायत में कहा गया है “यह सामग्री अश्लील, अवैध है और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच नफरत, दुश्मनी या दुर्भावना फैलाने की क्षमता रखती है।” यह पोस्ट सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल की नजर में आने के बाद सामने आई।
इंस्पेक्टर गगनप्रीत सिंह की शिकायत पर, 21 अक्टूबर को पंजाब स्टेट क्राइम पुलिस स्टेशन में BNS की धाराओं 340(2), 352(1), 353(2), 351(2), 336(4) और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया। फिलहाल, पुलिस ने मामले की डिजिटल जांच शुरू कर दी है और आरोपित की साइबर गतिविधियों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। AAP का कहना है कि यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी है और इसका मकसद पंजाब सरकार व मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करना है।
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