चंडीगढ़
एक नवंबर से हरियाणा में सभी जिलों में कागज रहित रजिस्ट्री अनिवार्य हो जाएगी। एक नवंबर को हरियाणा दिवस है। वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मित्रा ने इसकी डेडलाइन तय कर दी है। इसके बाद मौजूदा प्रणाली स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी। साथ ही हरियाणा 100 फीसदी कागज रहित संपत्ति पंजीकरण वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा।
वित्त आयुक्त डॉ. सुमित्ता मिश्रा ने कहा, आम लोगों और संपत्ति डीलरों को सलाह दी जाती है कि वे अभी नए स्टांप पेपर न खरीदें, क्योंकि कागज रहित प्रणाली भौतिक स्टांप की आवश्यकता को समाप्त कर देगी। हालांकि पहले से खरीदे गए स्टांप पेपर संबंधित जिलों में सिस्टम के लॉन्च होने के एक सप्ताह के भीतर उपयोग किए जा सकते हैं।
मिश्रा ने कहा कि वर्तमान प्रणाली 58 वर्ष से अधिक समय से प्रचलन में है। इस प्रक्रिया से देरी समाप्त होगी। कदाचार की गुंजाइश कम होगी और प्रत्येक नागरिक को अपनी संपत्ति के लेन-देन पर पूर्ण पारदर्शिता और नियंत्रण का अधिकार मिलेगा। नया प्लेटफार्म eregistration.rev-enueharyana.gov.in सरल, डिजिटल, पारदर्शी और नागरिक अनुकूल बन जाएगा।
सीएम नायब सैनी ने 29 सितंबर को कुरुक्षेत्र के बाबैन उप-तहसील में पेपरलेस रजिस्ट्री का शुभारंभ किया था। डॉ. मिश्रा ने कहा कि प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए वीरवार को सभी जिला पंजीकरण अधिकारियों (डीआरओ) के लिए प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। तकनीकी सहायता के लिए 6 सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को तैनात किया गया है।
तकनीकी सहायता के लिए डेस्क स्थापित
नई प्रणाली के बारे में तकनीकी सहायता और प्रश्नों के लिए आम लोग हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2137 पर संपर्क कर सकते हैं या nodalofficer-iterevhry.gov.in पर ईमेल भेज सकते हैं। राजस्व विभाग ने उपयोगकर्ताओं की सहायता के लिए जिला स्तरीय हेल्प डेस्क भी स्थापित किए हैं।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
