मध्यप्रदेश ने किया बंद पड़ी खदानों को प्रारंभ करने में सराहनीय कार्य : सचिव खनन मंत्रालय गोयल

मध्य प्रदेश राज्य

प्रदेश में नीलाम किये गये खनिज ब्लॉक में हुआ उत्कृष्ट कार्य

प्रदेश में 118 विभिन्न मुख्य खनिज ब्लॉकों की हुई सफल नीलामी : प्रमुख सचिव उमराव

भोपाल
सचिव खान मंत्रालय भारत सरकार श्री पीयूष गोयल ने कहा कि मध्यप्रदेश में बंद पड़ी खदानों को प्रारंभ करने में सराहनीय कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नीलाम किये गये खनिज ब्लॉकों में भी मध्यप्रदेश राज्य ने उत्कृष्ट कार्य किया है। सचिव श्री गोयल ने होटल ताज लेंक फ्रंट भोपाल में मुख्य खनिज ब्लॉक के संचालन की समीक्षा बैठक में यह बात कही। उन्होंने खदान संचालन के लिये वैधानिक कठिनाई दूर करने के लिये नीलाम किये जाने के पहले जिला स्तर पर नीलाम ब्लॉक में शामिल भूमि के परीक्षण के लिये कलेक्टर की अध्यक्षता में वन, राजस्व एवं खनिज साधन विभाग की कमेटी गठित किये जाने के निर्देश दिये।

सचिव श्री गोयल ने ब्लॉक के सफल बोलीदारों के साथ खनन संचालन प्रारंभ करने के लिये चर्चा की। चर्चा में बोलीदारों को वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों के निराकरण के लिये सुझाव दिये। श्री गोयल ने भारत सरकार द्वारा किये जा रहे नीतिगत प्रयासों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि खनन संचालन के लिये वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में लगने वाले समय को न्यूनतम किये जाने के लिये सरकार निरंतर प्रयासरत है, लेकिन इसमें सफल बोलीदार को भी अपने स्तर पर प्रयास करना होंगे। श्री गोयल ने कहा कि वन मंत्रालय से भी वन अनुमति प्राप्त करने के लिये शीघ्र बैठक आयोजित की जायेगी। बैठक में वन अनुमति प्राप्त करने में वैधानिक कठिनाइयों को दूर करने के लिये चर्चा होगी। इसका लाभ सभी सफल बोलीदारों को प्राप्त होगा।

प्रमुख सचिव खनिज श्री उमाकांत उमराव ने बैठक में बताया कि प्रदेश में 118 विभिन्न मुख्य खनिज ब्लॉकों का खान एवं खनिज अधिनियम एवं प्रावधान के अंतर्गत सफल नीलामी की गयी है। खनि पट्टा के 6 ब्लॉक तथा समेकित अनुज्ञप्ति के 12 ब्लॉक में कार्य प्रारंभ हो गया है। शेष ब्लॉकों में खनन संक्रियाएं प्रारंभ करने के लिये राज्य शासन द्वारा सतत रूप से समीक्षा की जा रही है।

प्रमुख सचिव श्री उमराव ने बताया कि खनिज साधन विभाग द्वारा खनन संचालन में वैधानिक अनुमति प्राप्त करने के लिये नियमानुसार आवेदन करने तथा आवेदन की पूर्ति करने में नियमों की स्पष्ट जानकारी दिये जाने के लिये कार्यशाला भी आयोजित की गयी। कार्यशाला में सफल बोलीदार, आरक्यूपी, पर्यावरण सलाहकार, वन विभाग के प्रतिनिधि, भारतीय खान ब्यूरो और एसबीआई केप के प्रतिनिधियों द्वारा भाग लिया गया। खनिज साधन द्वारा किये जा रहे प्रयासों से खनन संचालन के लिये आवश्यक वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में लगने वाले समय में निरंतर कमी परिलक्षित हुई है। इनमें आशय पत्र जारी करना, खनन योजना प्रस्तुत करना, पर्यावरण अनुमति के लिये आवेदन प्रस्तुत करना और पर्यावरण अनुमति के लिये टीओआर जारी करने में लगने वाले दिवसों में कमी आयी है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से सफल बोलीदारों से चर्चा की जा रही है तथा उन्हें समक्ष में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिये प्रशासकीय स्तर पर चर्चा भी की जा रही है।

समीक्षा बैठक में संचालक प्रशासन एवं खनिकर्म श्री फ्रेंक नोबल, पीसीसीएफ श्री मनोज अग्रवाल, सचिव पर्यावरण श्री अतुल मिश्रा, मेंबर सेक्रेटरी सिया श्री दीपक आर्य तथा भारत सरकार खान मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय, सफल बोलीदारों, उनके प्रतिनिधि और खनिज साधन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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