जयपुर
अंता विधानसभा उपचुनाव से पहले सियासत में बड़ा उलटफेर हुआ है। आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा को समर्थन देने की घोषणा की है। इससे अब तक बीजेपी और कांग्रेस के बीच चल रही सीधी जंग त्रिकोणीय मुकाबले में बदल गई है।
नरेश मीणा ने कुछ दिन पहले एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर केजरीवाल और आप से समर्थन की अपील की थी। मीणा ने लिखा था, “नए और निष्पक्ष राजनीतिक बदलाव के लिए मैं अंता उपचुनाव निर्दलीय के रूप में लड़ रहा हूं। कांग्रेस और बीजेपी के विकल्प के तौर पर मैं आप पार्टी से समर्थन की अपेक्षा करता हूं।” इसके जवाब में केजरीवाल ने लिखा — “नरेश जी, आम आदमी पार्टी आपके साथ पूरी तरह खड़ी है।” इसके बाद AAP ने औपचारिक रूप से मीणा को समर्थन देने की घोषणा कर दी।
AAP के राजस्थान सह-प्रभारी घनेन्द्र भारद्वाज ने कहा, “बीजेपी और कांग्रेस ने दशकों से राजस्थान को लूटा है। अब जनता को नया विकल्प चाहिए। पूरे प्रदेश के AAP कार्यकर्ताओं से अपील है कि नरेश मीणा के समर्थन में जुटें।” उन्होंने बताया कि अंता उपचुनाव के लिए 31 सदस्यीय समन्वय समिति बनाई जाएगी और संभावना है कि केजरीवाल खुद भी चुनाव प्रचार के लिए अंता आ सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह कदम राजस्थान में AAP के संगठनात्मक विस्तार की रणनीति का हिस्सा है। 2023 विधानसभा चुनाव में अंता से AAP को मात्र 0.76% वोट (1334 वोट) मिले थे, लेकिन केजरीवाल का समर्थन अब मीणा को एंटी-एस्टैब्लिशमेंट वोट दिला सकता है। अंता उपचुनाव में अब मुख्य मुकाबला कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया, बीजेपी के मोरपाल सुमन और निर्दलीय नरेश मीणा के बीच है। चुनाव 11 नवंबर को होगा और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
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