रियो डी जनेरियो
साउथ अमेरिका के देश ब्राजील में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह पर छापेमारी हुई है। इसमें 119 लोगों की मौत हो गई है। बुधवार को इन मौतों के बाद ब्राजील में काफी प्रदर्शन हुए। इसके अलावा गवर्नर से भी इस्तीफे की मांग की गई है। पुलिस की छापेमार कार्रवाई में रियो डि जनेरियो में ये मौतें हुई हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को शहर के इतिहास की सबसे घातक कार्रवाई माना जा रहा है। लोगों ने सड़क पर शव रख कर प्रदर्शन किए और पुलिस पर एक खास वर्ग के लोगों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। इन लोगों ने कहा कि पुलिस पर सख्त ऐक्शन होना चाहिए।
बड़ी संख्या में लोग सरकारी मुख्यालय के सामने एकत्र हुए। उन्होंने नारे लगाए और लाल रंग से रंगे ब्राजीलियाई झंडे लहराए। मृतकों की संख्या और शवों की अवस्था (विकृति और चाकू के घाव आदि) को लेकर तत्काल सवाल उठने लगे। ब्राजील के उच्चतम न्यायालय, अभियोजकों और सांसदों ने गवर्नर कास्त्रो से अभियान की विस्तृत जानकारी प्रदान करने को कहा। कई नेताओं ने हैरानी जताई कि आखिर पुलिस के ऐक्शन में इतने लोगों की मौत कैसे हो सकती है। मृतकों की कुल संख्या अधिकारियों द्वारा पूर्व में बताई गई संख्या से कहीं अधिक है। अधिकारियों ने पहले कहा था कि 60 लोग मारे गए हैं।
छापे की कार्रवाई लगभग 2,500 पुलिसकर्मियों और सैनिकों ने पेन्हा और कॉम्प्लेक्सो डी अलेमाओ में की थी। स्थानीय निवासी एलिसांगेला सिल्वा सैंटोस (50) ने पेन्हा में कहा, 'वे उन्हें जेल ले जा सकते थे, उन्हें इस तरह क्यों मार रहे हैं? उनमें से बहुत से जिंदा थे और मदद के लिए पुकार रहे थे। हां, वे तस्कर हैं, लेकिन वे इंसान हैं।' पुलिस और सैनिकों ने हेलीकॉप्टरों, बख्तरबंद वाहनों और पैदल ही अभियान शुरू किया, जिसका लक्ष्य ‘रेड कमांड’ गिरोह था। फिलहाल ब्राजील में इस घटनाक्रम के चलते तनाव की स्थिति है और बड़ी संख्या में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को तैनात किया गया है।
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