दतिया
यह किसी विडंबना से कम नहीं कि जिस अखिल भारतीय किन्नर महासम्मेलन की वे मुख्य अतिथि थीं, उसी सम्मेलन में शामिल होने आईं देश की पहली किन्नर विधायक शबनम मौसी को ठहरने की जगह नहीं मिली। शबनम मौसी को दतिया के रेस्ट हाउस में ठहरने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके चलते उन्हें कई घंटे असुविधा झेलनी पड़ी।
जानकारी के अनुसार, शबनम मौसी 22 से 31 अक्टूबर तक रामजी वाटिका में आयोजित किन्नर महासम्मेलन में शामिल होने दतिया पहुंचीं थीं। उन्होंने एसडीएम संतोष तिवारी से विश्राम गृह में रुकने की अनुमति मांगी, लेकिन एसडीएम ने अधिकृत लेटर पैड पर आवेदन की मांग की।
शबनम मौसी ने बताया कि वे पूर्व विधायक हैं और वर्तमान में उनके पास कोई अधिकृत लेटर पैड नहीं है। उन्होंने सादे कागज पर हस्ताक्षर सहित आवेदन देने की बात कही, लेकिन अनुमति नहीं दी गई। कई घंटे तक प्रयासों के बावजूद जब रेस्ट हाउस में प्रवेश नहीं मिला, तब स्थानीय कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के हस्तक्षेप के बाद उन्हें रेस्ट हाउस में ठहरने की अनुमति दी गई।
गौरतलब है कि शबनम मौसी वर्ष 2000 में मध्य प्रदेश के शहडोल से देश की पहली किन्नर विधायक चुनी गई थीं। वे सामाजिक समानता और तीसरे लिंग के अधिकारों की आवाज़ बनकर लंबे समय से सक्रिय हैं।
इस पूरे प्रकरण पर एसडीएम संतोष तिवारी का कहना है कि शबनम मौसी द्वारा विधिवत लेटर पैड या पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया था। ऐसे में नियमों के तहत रेस्ट हाउस खुलवाना संभव नहीं था। बाद में जानकारी मिलने पर उन्हें ठहरने की अनुमति दे दी गई।
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