खंडवा की रुखसार ने अपने धर्म और प्यार के नाम पर शादी की, मां के विरोध के बावजूद निभाई परंपरा

मध्य प्रदेश राज्य

खंडवा
 प्रेम की राह में धर्म और शरहद की दीवारें भी छोटी पड़ जाती हैं। ऐसी ही एक कहानी सामने आई है मध्यप्रदेश के खंडवा जिले स्थित महादेवगढ़ मंदिर से है। यहां धार जिले की रहने वाली युवती रुखसार ने अपने प्रेमी विशाल के साथ सात फेरे लिए हैं। इसके लिए उसने अपने परिवार से बगावत की और धर्म भी बदला है।

धर्म परिवर्तन कर किया विवाह
धार जिले की रहने वाली रुखसार का विवाह 27 नवंबर को होने वाला था। परिवार ने निकाह की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली थीं लेकिन इसके कुछ दिन पहले ही युवती ने अपने जीवन का सबसे बड़ा निर्णय ले लिया। बताया जाता है कि रुखसार लंबे समय से खंडवा निवासी विशाल से प्रेम करती थी। लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि दोनों का मिलन संभव नहीं दिख रहा था। इसी बीच युवती ने अपने तय निकाह से पहले घर छोड़ दिया और सीधे खंडवा के प्रसिद्ध महादेवगढ़ मंदिर पहुंच गई। मंदिर में उसने बताया कि वह विशाल के साथ ही अपना जीवन बिताना चाहती है। साथ ही अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाना चाहती है। इसके बाद मंदिर प्रबंधन ने धार्मिक परंपराओं और विधि-विधान के अनुसार विधिवत धर्म परिवर्तन संस्कार करवाया। संस्कार के बाद युवती को नया नाम वंशिका दिया गया।

मंदिर में मंत्रोच्चार के बीच बंधे विवाह सूत्र में
धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंदिर परिसर में ही विवाह की तैयारी शुरू कर दी गई। वेद मंत्रों के बीच दोनों का विवाह संपन्न करवाया गया। वंशिका और विशाल ने सात फेरे लिए। विशाल ने मंगलसूत्र पहनाकर वंशिका को अपनी जीवनसंगिनी के रूप में स्वीकार किया। विवाह समारोह में मौजूद स्थानीय लोगों और मंदिर कमेटी ने नवदंपती को आशीर्वाद दिया।

मंदिर समिति ने की महाआरती
विवाह के बाद महादेवगढ़ मंदिर की परंपरा के अनुसार भगवान महादेव की महाआरती की गई। मंदिर संचालक संरक्षक अशोक पालीवाल के नेतृत्व में समिति की ओर से नवविवाहित दंपती को रामायण का पवित्र ग्रंथ भी भेंट किया गया। दुल्हन वंशिका ने रामायण को जीवन में प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि रामायण में लिखा है कि श्रीराम ने अपनी पत्नी को पाने के लिए समुद्र पर सेतु तक बना दिया था। मैं हमेशा इसे कहानी समझती थी लेकिन अब इसे पढ़कर अपने जीवन में भी आदर्श और दृढ़ता लाना चाहती हूं।

फैसले पर अडिग रही युवती
रुखसार का विवाह 27 नवंबर को उसके मायके धार में होना था। परिवार ने रिश्तेदारों और समाज में निमंत्रण तक भेज दिया था। लेकिन युवती का अचानक घर छोड़कर धर्म परिवर्तन और विवाह कर लेना परिवार को बेहद नागवार गुजरा है। परिवार की ओर से गुस्सा और नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि फिलहाल परिवार ने युवती से किसी प्रकार का संपर्क नहीं किया है।

वंशिका बनी रुखसार ने कहा कि मुझे मालूम है कि परिवार नाराज है, लेकिन मैंने अपना निर्णय सोच-समझकर लिया है। मुझे विश्वास है कि सनातन धर्म में महिलाओं का सम्मान है और मैं अपने जीवन का फैसला स्वयं करने की हकदार हूं।

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