भोपाल
प्रदेश में प्रतिवर्ष छह से सात हजार दोपहिया वाहन चालक और सवारी की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो रही है। इसका बड़ा कारण यह है कि लगभग 80 प्रतिशत वाहन चालक हेलमेट नहीं पहन रहे हैं। इस कारण अब पुलिस प्रदेश भर में अभियान चलाकर हेलमेट नहीं लगाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करेगी। छह नवंबर (गुरुवार) से इसके लिए विशेष अभियान की शुरुआत हो रही है जो लगातार चलेगा। दोपहिया वाहन पर सवार दूसरी सवारी के लिए भी हेलमेट लगाना अनिवार्य होगा।
मौतों के आंकड़े
इस अभियान में सबसे अधिक सख्ती भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में की जाएगी। कारण, इन जिलों में सड़क हादसे और मौतों की संख्या अधिक है। वर्ष 2024 में प्रदेश में 14,791 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई। जिसमें इंदौर शहर में 2425, ग्रामीण में 290, भोपाल शहर में 945 और ग्रामीण में 235, उज्जैन में 1536, जबलपुर में 2035 और ग्वालियर में 1049 लोगों की मौत हुई। यानी इन पांच जिलों में 8,515 लोगों की मौत हुई जो कुल मौतों का 58 प्रतिशत है।
यही कारण है कि इन जिलों में अभियान के अंतर्गत बहुत अधिक सख्ती की जानी है। DIG, पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (PTRI) टीके विद्यार्थी ने बताया कि हेलमेट नहीं पहनने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीछे बैठी सवारी को भी हेलमेट पहनने के लिए समझाइश देंगे। सभी जिलों में हर दिन की कार्रवाई की जानकारी एकत्र की जाएगी। यह अभियान लगातार चलेगा।
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