लुधियाना
कारकस प्लांट चालू करने में हो रही देरी को लेकर एन.जी.टी. ने सरकार पर 50 हजार का जुर्माना ठोका है। यहां बताना उचित होगा कि सतलुज दरिया के किनारे स्थित ह़ड्डारोड़ी की वजह से हो रहे प्रदूषण से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एन.जी.टी) द्वारा मृत जानवरों के निपटारे के लिए कारकस प्लांट के निर्देश दिए गए थे जिसके आधार पर नगर निगम द्वारा स्मार्ट सिटी मिशन के फंड में से नूरपुर बेट में कारकस प्लांट लगाने का फैसला किया गया लेकिन गांव के लोगों द्वारा कोर्ट में केस रद्द होने के बावजूद प्रोजैक्ट का उद्घाटन नहीं होने दिया और पक्के तौर पर धरना जिसके विरोध में सांसद बिट्टू द्वारा प्लांट को ताला लगा दिया गया जिसके बाद से प्लांट चालू करने की प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है।
जहां तक एन.जी.टी. में चल रहे केस की सुनवाई का सवाल है, पहले दो मंत्रियों की कमेटी बनाने और नई साइट की तलाश करने की रिपोर्ट दी गई जिसके बावजूद कारकस प्लांट चाल करने में हो रही देरी को लेकर एन.जी.टी. ने सरकार पर 50 हजार का जुर्माना ठोका है। इसके साथ ही केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से रिपोर्ट मांगी गई है।
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