रामपुर
समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज फर्जी दस्तावेज मामले में एफआईआर रद्द करने की याचिका खारिज कर दी है।
FIR रद्द करने का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं: SC
जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच ने कहा कि अब्दुल्ला आजम की याचिका में एफआईआर रद्द करने का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी को अपना काम करने दिया जाना चाहिए और इस स्तर पर अदालत का हस्तक्षेप उचित नहीं होगा।
फर्जी दस्तावेज मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त
बता दें कि अब्दुल्ला आजम पर आरोप है कि उन्होंने पासपोर्ट बनवाने के लिए गलत जन्मतिथि और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। इसके अलावा, उनके पास दो पैन कार्ड होने के आरोप भी हैं। इसी मामले को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता और इस मामले में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है। गौरतलब है कि अब्दुल्ला आजम पहले से ही कई मामलों का सामना कर रहे हैं, जिनमें कुछ में जांच जारी है।
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