मानवता की मिसाल: नवजात बच्ची के इलाज के लिए एयरलिफ्ट, सरकार करेगी पूरे उपचार का खर्च

मध्य प्रदेश राज्य

जबलपुर
सिहोरा निवासी परिवार में दो दिन पहले जन्मी बच्ची के दिल में छेद है। इलाज के लिए गुरुवार को उसे मुंबई एयर एंबुलेंस कर ले जाएगा गया। जहां मुंबई के नारायणा अस्पताल में उसकी सर्जरी होगी। करीब 1:15 पर दिल्ली से एयर एम्बुलेंस डुमना एयरपोर्ट जबलपुर पहुंची। जहां से परिवार के साथ बच्ची को मुंबई के लिए उपचार हेतु भेजा गया।

इस मौके पर सीएमएचओ डॉ संजय मिश्रा सहित चिकित्सा के वी सपोर्टिंग स्टाफ मौजूद रहा।क्षगौरतलब है कि बच्ची की बीमारी पता चलने पर बुधवार को गुरुनानक जयंती की छुट्‌टी के दिन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का ऑफिस खोला गया और डेढ़ घंटे में कागजी प्रक्रिया पूरी की गई।

जुड़वां बच्चों का हुआ जन्म
जानकारी के अनुसार जिले के सिहोरा में रहने वाले सत्येंद्र दाहिया की पत्नी शशि दहिया ने सोमवार दोपहर जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। डाक्टर ने दोनों बच्चों की जांच की तो पता चला कि लड़का तो पूरी तरह से स्वस्थ है, लेकिन बच्ची के दिल में छेद है। डाक्टरों ने उसे मुंबई में इलाज कराने की सलाह दी। डाक्टरों ने कहा- जल्द इलाज न मिला तो उसकी जान जा सकती है। यह सुनते ही पिता सकते में आ गए। बच्ची की जान बचाने के लिए उन्हें न सिर्फ दस्तावेज तैयार कराने थे, बल्कि इलाज के लिए नवजात को मुंबई भी ले जाना था। परेशान पिता ने राष्ट्रीय बाल स्वस्थ्य कार्यक्रम के जिला प्रबंधक सुभाष शुक्ला से बात की। उन्हें बताया कि बच्ची के दिल में डॉक्टर ने छेद होना बताया है।

ऐसे बढ़ी प्रक्रिया आगे
आरबीएसके के तहत जितने भी दस्तावेज और बच्ची के इलाज से संबंधित कागज लगने थे, उसे तैयार करने के बाद सीएमएचओ डा. संजय मिश्रा को इसकी जानकारी दी गई। कुछ ही देर में सीएमएचओ आफिस पहुंच गए। जहां उनके साइन होने के बाद बच्ची के इलाज को लेकर सारे दस्तावेज तैयार हुए।

स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ डा. विनीता उप्पल और श्रेय अवस्थी ने एयर एंबुलेंस के लिए अधिकारियों से बात करते हुए दस्तावेज तैयार कराए। इस तरह गुरुवार को एयरलिफ्ट कर मुंबई के नारायणा अस्पताल ले जाने का रास्ता सुगम हुआ।

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