यरूशलेम
बात जब मैदान-ए-जंग की आती है तो कोई भी चाल बेईमानी नहीं होती. कई बार देश एक-दूसरे के टॉप सीक्रेट्स निकलवाने के लिए ‘अप्सराओं’ को जमीन पर उतार देते हैं. इन अप्सराओं को ‘हनीट्रैप’ का मास्टरमाइंड कहा जाता है. कुछ ऐसा ही एक मुस्लिम देश के साथ हुआ था लेकिन इस बार एक नहीं बल्कि ऐसी कई अप्सराएं एक साथ उतर आई थीं. इतनी खूबसूरती एक साथ देखकर इस मुस्लिम देश ने मदहोशी में अपनी इज्जत ही लुटा दी थी. इसके बाद दुनिया के सामने वो राज खुला जिसे सुनकर हर कोई कांप गया.
खुफिया एजेंसी ने भर्ती के लिए रखी थी ये शर्त
इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद ने एक वक्त पर लेडी ब्रिगेड में खूबसूरत और खौफनाक अप्सराएं हायर की थीं. उन्हें टीम में लेने के लिए शर्त ये थी कि उनकी खूबसूरती के आगे दुश्मन सुध-बुध खो दे. फिर उन्हें मोसाद की ट्रेनिंग देकर खौफनाक बनाया गया. इसके बाद ये अप्सराएं ईरान की जमीन पर उतारी गईं. इन हसीनाओं ने सबसे पहले ईरान के 9 न्यूक्लियर साइंटिस्ट्स को अपना निशाना बनाया था. उनसे राज खुलवाए फिर उनके लिए नर्क के दरवाजे खोल दिए.
Israel को 1 साल तक सप्लाई किए सीक्रेट
बताया जाता है मोसाद की इस लेडी ब्रिगेड ने इतनी सफाई से काम किया उनका ये राज आज भी कोई नहीं जानता है. उन अप्सराओं ने अफसरों के दिल नहीं घरों में भी जगह बनाई थी. उनके परिवार से मिलीं और 1 साल तक ईरान के सीक्रेट इजरायल को सप्लाई करती रहीं.
इजरायल को इन 9 न्यूक्लियर साइंटिस्ट्स के खाने-पीने, रहने और आने-जाने तक की सारी खबर मिलती रही. यही वजह है कि नेतन्याहू ने ठीक उन जगहों पर ही सटीक एयरस्ट्राइक की, जहां पर इन्हें छुपाकर रखा गया था. जब तक ईरान को इन अप्सराओं की कुछ खबर चलती वो हवा में गायब हो चुकी थीं.
इस लेडी ब्रिगेड को ही ‘हथियार वाली अप्सराएं’ कहा जाता है. बताया जाता है कि ये दुश्मन की आंखों के सामने रहती हैं लेकिन कभी दिखाई नहीं देती हैं.
मोसाद को इनकी वजह से ही ईरान का टॉप सीक्रेट पता चला था. अब दुनिया के सामने ये सच आ चुका है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा था, जिसे उसने कभी खुलकर एक्सेप्ट नहीं किया.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

