बिलासपुर
राज्य सरकार की महत्वकांक्षी महतारी वंदन योजना के अंतर्गत राज्य में पात्र महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपये मिलते हैं। लेकिन इस योजना की लाभार्थी महिलाओं को मिलने वाला पैसा बंद हो सकता है, क्योंकि प्रदेश में 4.18 लाख महिलाओं ने अपना ई-केवाईसी नहीं कराया है। यदि उन्होंने जल्द ही अपना केवाईसी नहीं कराया, तो योजना की 20वीं किस्त उनके खाते में नहीं आएगी।
बता दें कि प्रदेश के सभी जिलों में ऐसी बहुत महिलाएं हैं, जिन्होंने अबतक अपना केवाईसी नहीं कराया है। बिलासपुर जिले में भी महतारी वंदन योजना से लाभांवित लगभग 10 हजार महिलाओ ने अपना ई केवायसी नहीं करवाया है। यदि उन्होंने जल्द ही अपना केवाईसी नहीं कराया, तो उन्हें महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त से वंचित होना पड़ सकता हैं।
राज्य शासन ने निर्देश जारी कर जिन महिलाओं का आधार एक्सपायरी हो चुका है, उनका आधार अपडेट करवा कर ई केवायसी करने का आदेश दिया हैं। ऐसा न करने पर उन्हें योजना के तहत मिलने वाली 1,000 मासिक किस्त से वंचित होना पड़ सकता है।
ई-केवाईसी कराना आवश्यक
जिले में महतारी वंदन योजना के 4 लाख 20 हजार महिला हितग्राहियों को योजना का लाभ मिल रहा हैं। योजना के तहत दस हजार महिलाएं ऐसी हैं, जिनका आधार कार्ड विवरण अपडेट नहीं हुआ है या एक्सपायर हो चुका है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह समस्या मुख्य रूप से आधार कार्ड के हर दस साल में अपडेट होने की अनिवार्यता के कारण उत्पन्न हुई है।
आधार कार्ड के नियमित अपडेट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हितग्राही वास्तव में जीवित है या नहीं, उसने अपना निवास स्थान मकान, जिला या राज्य तो नहीं बदल लिया है, या उसके विवरण में कोई अन्य महत्वपूर्ण बदलाव तो नहीं हुआ है।अधिकारी इसे एक प्रकार का जीवन प्रमाण बताते हैं, जो सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और सही लाभार्थी तक लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक है।
आंगनबाड़ी केंद्र जाकर जल्द कराएं केवाईसी
जिन 10 हजार महिलाओं का केवाईसी अपडेट नहीं है, उन्हें तुरंत अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र, महिला एवं बाल विकास कार्यालय में जाकर प्रक्रिया पूरी करवानी होगी। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन महिलाओं का आधार विवरण अमान्य पाया जाएगा, उनका भुगतान अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा।
महतारी वंदन योजना क्या हैं
महतारी वंदन योजना की मुख्य उद्देश्य राज्य की विवाहित महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना हैं। पात्र विवाहित महिलाओं को प्रति माह 1,000 की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जाती है। यह राशि महिलाओं को उनके स्वास्थ्य, पोषण और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहयोग करती है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

