पीएम आवास योजना 2.0 के तहत पंजाब में 30,000 मकानों की मंजूरी, 60,000 आवेदन हुए सबमिट

राज्य

जालंधर
 अपने घर का सपना आखिर किसका नहीं होता? पंजाब के हजारों परिवारों के चेहरे इन दिनों उम्मीद की नई चमक से भरे दिखाई दे रहे हैं। वजह है प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत राज्य में 30 हजार नए मकानों को मिली मंजूरी। पिछले सात महीनों में 60 हजार से ज्यादा लोगों ने इस योजना के लिए आवेदन किए, जो बताता है कि लोग इस योजना को लेकर कितना भरोसा जता रहे हैं। सरकार की ओर से मिले आंकड़ों के अनुसार, 5 अगस्त 2022 से अब तक 70,568 परिवारों को अपने घरों के लिए आर्थिक मदद मिलेगी। इनमें से बड़ी संख्या उन परिवारों की है जो अपने सपनों का घर बनाने के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे थे।

एक लाख रुपये सब्सिडी दे रहा केंद्र

राज्य सरकार योजना के लिए अपने हिस्से से एक लाख रुपये सब्सिडी दे रही है जबकि पहले यह राशि सिर्फ 75 हजार रुपये थी। इसी तरह डेढ़ लाख रुपये केंद्र सरकार की तरफ से भी दिए जा रहे हैं। केंद्र की मंजूरी के साथ ही लोगों को आवेदन राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। मकानों की नींव का काम पूरा होने के बाद कुल 50 हजार रुपये मिलेंगे जिसमें केंद्र का शेयर 30 और राज्य का 20 हजार रुपये होगा। इसी तरह बीम (लिंटेल) का काम पूरा होने के बाद एक लाख रुपये जारी किए जाएंगे। इसमें केंद्र 60 हजार और राज्य की तरफ से 40 हजार रुपये जारी किए जाएंगे। इसी तरह छत डालने का काम पूरा होने पर कुल 50 हजार रुपये जारी होंगे। मकान का पूरा होने के बाद 50 हजार रुपये रशि जारी की जाएगी।
तीन लाख रुपये होनी चाहिए वार्षिक आय 

योजना के तहत लाभार्थी को दो कमरे, एक बाथरूम, किचन बनाने के लिए राशि दी जाती है। लाभार्थी की वार्षिक आय तीन लाख रुपये होनी चाहिए। साथ ही उसके पास 45 वर्ग गज जमीन भी होनी चाहिए। जिन लोगों ने पिछले पांच साल में केंद्र व राज्य की किसी योजना का लाभ नहीं लिया, उनको यह राशि दी जाती है।
स्थानीय निकाय विभाग का सर्वे जारी

स्थानीय निकाय विभाग की तरफ से उन लोगों का सर्वे किया जा रहा है, जो योजना के तहत मकान बनाने चाहते हैं। इससे अधिक लाभार्थियों की पहचान करने में भी मदद मिल रही है। विभाग आवेदन में भी लोगों की सहायता कर रहा है। केंद्र ने अगस्त 2024 में पीएम आवास योजना 2.0 को मंजूरी दी थी। वहीं पीएम आवास योजना-1 वर्ष 2015 में जारी की गई थी ताकि पंजाब में उन गरीब लोगों को पक्का घर प्रदान किया जा सके, जो कच्चे घरों में रह रहे हैं। प्रदेश में पहले धीमी गति से योजना पर काम चल रहा था। इस कारण केंद्र ने पिछले साल निर्देश दिए थे कि राज्य सरकार की तरफ से या तो तय समय के अंदर इन मकानों का काम पूरा किया जाए या फिर लंबित मकानों और राशि को सरेंडर कर दिया जाए। 

कैसे मिलेगा घर बनाने का लाभ?
योजना के तहत लाभ उन्हीं लोगों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है। ऐसे परिवारों को मकान बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 1.5 लाख रुपये और राज्य सरकार की तरफ से 50 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। बाकी राशि लाभार्थी स्वयं जुटाएगा। इसके अलावा, 75 हजार रुपये मकान तैयार होने की अवस्था अनुसार किस्तों में दिए जाएंगे। यह रकम सीधे उनके खाते में जाएगी, ताकि कोई दलाल या बिचौलिया बीच में न आए।

स्थानीय निकाय विभाग कर रहा है सर्वे
स्थानीय निकाय विभाग उन लोगों का सर्वे कर रहा है जो इस योजना के तहत घर बनाना चाहते हैं।
    •    विभाग आवेदन में हुई गलतियों को भी ठीक कराने में मदद करेगा
    •    सर्वे के बाद पात्र लोगों की सूची अंतिम रूप से तैयार होगी
    •    अगस्त 2024 तक योजना का क्रियान्वयन तेज गति से किया जाएगा

क्यों है यह योजना खास?
    •    गरीब और मध्यम आय वर्ग के लिए बड़ी राहत
    •    बिना बिचौलियों के सीधे लाभार्थी के खाते में पैसे
    •    मकान निर्माण में पारदर्शिता
    •    शहरों में झुग्गियों और असुरक्षित आवासों की संख्या कम होने की उम्मीद

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