युद्ध की सच्चाई सामने आई: जेलेंस्की के इंटरव्यू के बीच बिजली चली गई, बोले – यही हमारी हकीकत

दुनिया

कीव 
रूस-यूक्रेन युद्ध को चार साल बीत गए हैं. इतने सालों से युद्ध कर रहे रूस और यूक्रेन में बहुत कुछ बदल गया है. रूस के कुछ हिस्सों में युद्ध का बुरा प्रभाव दिखता है तो यूक्रेन की राजधानी कीव तक में हाल ये है कि ऊर्जा सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं. इसकी एक बानगी तब देखने को मिली, जब वे मरीनस्की पैलेस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की के साथ ब्रिटिश अखबार द गार्जियन का इंटरव्यू चल रहा था.

दरअसल ये इंटरव्यू उस वक्त चर्चा में आ गया जब बातचीत के दौरान दो बार बिजली चली गई. इंटरव्यू की वीडियो रिकॉर्डिंग यूट्यूब पर जारी की गई है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि बातचीत के बीच अचानक पूरा हॉल अंधेरे में डूब जाता है. पहली बार बिजली इंटरव्यू की शुरुआत में ही चली गई. इसके बाद कुछ सेकंड तक कमरे में हलचल रही, फिर बैकअप जनरेटर चालू होने के बाद रोशनी लौटी और बातचीत दोबारा शुरू हुई.
बोलते-बोलते छा गया अंधेरा

इंटरव्यू को जब फिर शुरू किया गया, तो कुछ देर बाद दूसरी बार भी लाइट गुल हो गई. इस बार बातचीत रुकने के बजाय बिना ट्रांसलेटर के ही जारी रही, जब तक कि बैकअप पावर दोबारा चालू नहीं हुआ. इस इंटरव्यू को पत्रकार ल्यूक हार्डिंग रिकॉर्ड कर रहे थे. उन्होंने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि जेलेंस्की ने इस पूरे वाक्ये को बेहद सहजता से लिया और बिजली आने के बाद मुस्कुराते हुए कहा – ‘ये कोई आतंकी हमला नहीं है… ये हमारी जिंदगी की हकीकत है. कीव में और बाकी जगहों पर भी, बिजली का जाना अब आम बात है.’
ऊर्जा ढांचे को पहुंचा है नुकसान

जेलेंस्की का यह बयान यूक्रेन की मौजूदा स्थिति को दर्शाता है, जहां रूसी हमलों के कारण ऊर्जा ढांचे को बार-बार नुकसान पहुंचा है. राजधानी कीव समेत कई शहरों में बिजली आपूर्ति अक्सर बाधित रहती है और लोग जनरेटर या बैकअप सिस्टम पर निर्भर रहते हैं. इस घटना का वीडियो वायरल हुआ तो सोशल मीडिया पर लोगों ने लिखा कि ये पश्चिम को दिखाने की कोशिश है कि यूक्रेन किन हालात से जूझ रहा है. ऐसा नहीं है कि सिर्फ यूक्रेन में स्थिति ऐसी है, यूक्रेन ने भी रूस के ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाकर हमले किए हैं, जिसकी वजह से रूस के कई इलाके पूरी-पूरी रात अंधेरे में डूबे रहे.
रूस वार्ता के लिए है तैयार 

हालांकि इस बीच रूस की ओर से शांति को लेकर एक ऐसी पहल की गई है, जो एक बार फिर से रूस-यूक्रेन युद्ध में किसी समझौते की ओर इशारा करती है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के जवाब में कहा है कि रूस युद्ध का अंत करेगा लेकिन जब वो अपने लक्ष्यों को पा लेगा. वो चाहता है कि ये राजनीतिक और कूटनीतिक तरीके से हो.

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