नई दिल्ली
भारत के शीर्ष रैंकिंग वाले टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल ने मंगलवार को यहां चीन के दूतावास से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई ओपन प्लेऑफ के लिए चीन जाने के उनके वीजा आवेदन को बिना किसी कारण के अस्वीकार कर दिया गया था। नागल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपील की जिसमें उन्होंने भारत में चीनी राजदूत और चीनी दूतावास के प्रवक्ता को टैग किया। नागल ने लिखा, ‘‘भारत में चीन के दूतावास और भारत में चीन के प्रवक्ता। मैं सुमित नागल हूं, भारत का नंबर एक टेनिस खिलाड़ी। मुझे ऑस्ट्रेलियाई ओपन प्लेऑफ में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए जल्द ही चीन जाना है लेकिन मेरा वीजा बिना किसी कारण के अस्वीकार कर दिया गया। आपकी तत्काल मदद के लिए मैं आभारी रहूंगा।’’
शीर्ष 100 में अपनी जगह गंवाने के बाद नागल ग्रैंडस्लैम जैसी शीर्ष प्रतियोगिताओं में सीधे प्रवेश नहीं कर सकते और वाइल्ड कार्ड प्रविष्टियों या क्वालीफायर पर निर्भर हैं। हरियाणा के झज्जर के 27 वर्षीय नागल वर्तमान में भारत के शीर्ष रैंकिंग वाले एकल खिलाड़ी हैं जो नवीनतम एटीपी रैंकिंग में 275वें स्थान पर हैं। नागल को ऑस्ट्रेलियाई ओपन प्लेऑफ प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चेंग्दू जाना था जिससे क्षेत्रीय खिलाड़ियों को 2026 ऑस्ट्रेलियाई ओपन के मुख्य ड्रॉ में प्रवेश मिलेगा। इस मुद्दे पर चीन के दूतावास या टूर्नामेंट आयोजकों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यदि इस मामले का शीघ्र हल नहीं निकलता तो नागल को इस प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ेगा जिससे 2026 सत्र के पहले ग्रैंड स्लैम में प्रवेश करने की उनकी संभावनाओं को नुकसान पहुंच सकता है।
पिछले साल नागल ने ऑस्ट्रेलियाई ओपन के मुख्य ड्रॉ में भाग लिया था जहां वह शुरुआती दौर में हार गए थे। वह फ्रेंच ओपन और विंबलडन के मुख्य ड्रॉ में भी जगह नहीं बना पाए थै। उन्होंने स्विट्जरलैंड पर भारत की डेविस कप जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और निचली रैंकिंग वाले खिलाड़ियों के खिलाफ अपने दोनों एकल मैच जीते थे।
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