अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा ग्राहक प्रबोधन का कार्यक्रम संपन्न

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल

भोपाल में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा आज एल.एन. आयुर्वेद महाविद्यालय, भोपाल में ग्राहक जागरूक के संबंध में ग्राहक प्रबोधन का कार्यक्रम का आयोजन किया गया,जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के राष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनकर सबनीस, अध्यक्ष मध्यभारत प्रान्त विवेक भटनागर, प्रान्त कार्यकारणी सदस्य डॉ अनूप कुमार श्रीवास्तव एवं प्रांत कार्यालयप्रभारी दीपकबाबू श्रीवास्तव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। एल एन आयुर्वेद महाविद्यालय से डायरेक्टर डॉ विशाल शिवहरे, प्राचार्य डॉ सपन जैन और उपप्राचार्य डॉ वर्षा  वजारी उपस्थित रहे।

मुख्य वक्ता माननीय दिनकर सबनीस ने बताया कि जब तक कंपनियों में ग्राहक के प्रति डर नहीं होगा वे ग्राहक को ठगती रहेंगी, मूर्ख बनाएंगी l लेकिन जैसे ही ग्राहक ने डर दिखाना शुरू कर दिया तो कंपनियां उसके साथ कभी धोखा नहीं कर सकती हैं l कहा भी गया है भय बिन होय प्रीत। यानी बिना भय की प्रीत नहीं होती हैं। यह तभी होगा जब आप किसी भी समान के गलत या त्रुटिपूर्ण होने पर शिकायत करेंगे।
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत का उद्देश्य भी यही हैं कि हर ग्राहक के मन में यह बात हो कि वह शांत नहीं बैठेगा। गलत होने पर उसके विरोध में आवाज उठाएगा।
दिनकर सबनीस ने कहा कि हमें संगठन का ऐसा जाल बिछाना है कि पीड़ित ग्राहक सरलता से संपर्क कर सके और स्वयं को अकेला न समझे। उसे यह अहसास हो कि ग्राहक पंचायत हमारे पास है। हमारा उद्देश्य ग्राहक आंदोलन खड़ा करना है। चेतना जगाना है कि हम चौबीस घंटे ग्राहक हैं। सुबह जब हम नींद से जागते हैं तो हम ग्राहक होते हैं। सुबह उठते ही हमें टूथपेस्ट की होते जरूरत पड़ती है और जब हम सोते हैं तो गुड नाइट जलाकर सोते हैं। यानि सुबह से रात तक हर समय हम ग्राहक हैं। इसके बाद भी हम सजग नहीं हैं। मुख्य वक्ता ने आगे कहा कि आंदोलन का मतलब है, मन में आंदोलन सर्वांगीण चेतना। आज जितने साइबर अपराध होते हैं वे लालच के कारण होते हैं। पहले लॉटरी निकलती थी। लौटरी में लालच में फंसकर लोग ठगी के शिकार होते थे। लॉटरी का चलन कम हुआ तो फिल्म के लिंक आने लगे उसके बाद एप आने लगे। अब लालच के साथ डर भी दिखाया जाने लगा है। डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं हम सुनते ही हैं, भारत के प्रधानमंत्री ने भी कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ नहीं है। इसके बाद भी बहुत बड़े अधिकारी डिजिटल अरेस्ट हो गए और ठगों ने उनके करोड़ों रुपए ठग लिए। इसलिए जरूरी है कि सजग रहें, सतर्क रहें और डरें नहीं। अगर ये बातें हमनें  ग्राहक को सिखा दी तो ग्राहक आंदोलन खड़ा हो जाएगा।

धोखे वाले एप हर मोबाइल में मिलेंगे

मुख्य वक्ता ने कहा आज कल हर मोबाइल में धोखे वाले ऐप मिल जाएंगे लेकिन कंज्यूमर एप दो-चार मोबाइल में ही देखने को मिलेगा। ज्ञात हो कि उपभोक्ता मंत्रालय ने ग्राहक शिकायत समाधान प्रणाली को आरंभ किया है। पहले हर विभाग की शिकायत के लिए अलग-अलग जाना पड़ता था। इसलिए ग्राहक पंचायत ने मांग की थी कि ग्राहक मंत्रालय पृथक बनाओ ताकि ग्राहक को विभिन्न विभागों के चक्कर न लगाना पड़ें। उपभोक्ता मंत्रालय ने एप जारी किया। बाद में टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया।

भ्रामक विज्ञापनों से बचें और सुरक्षित रहें

दिनकर सबनीस ने कहा कि आज भ्रामक विज्ञापनों की वजह से लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। इसकी शिकायत गामा पोर्टल पर या सीसीपीए पर कर सकते हैं। एक भ्रामक विज्ञापन को लेकर सीसीपीए ने एक शिकायत के सही पाए जाने पर 10 लाख रुपए का जुर्माना संबंधित कंपनी पर लगाया था। यह तभी संभव हुआ जब उस विज्ञापन की शिकायत सीसीपीए में की गई। कंपनियों को डर होना चाहिए कि ग्राहक सतर्क है। बिना शिकायत के कुछ नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि कंपनियां फ्यूचर के सपने या असफलता का भय या फैशन के नाम पर बहुत आसानी से ग्राहक को अपने जाल में फंसा लेते हैं। हमें अपने ऊपर होने वाले इन तमाम बौद्धिक, संवेदनात्मक और मनोवैज्ञानिक आक्रमणों को भी समझने पड़ेंगे क्योंकि ये दवे पांव आते हैं। ग्राहक पंचायत द्वारा मांग की जाती रही है कि मनमानी एमआरपी प्रिंट करने के स्थान पर कॉस्ट आफ प्रोडक्शन के आधार पर इसके लिए कोई सूत्र सरकार को बनाना चाहिए। इसको लेकर सभी से सहभागिता करने की अपील की। अंत में श्रोताओं की जिज्ञासाओं का समाधान और अतिथियों के आभार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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