पटना
बिहार में एक बार फिर NDA की बहार की संभावना अब प्रबल होती जा रही है। राज्य में चुनावी तस्वीर धीरे-धीरे स्पष्ट हो रही है। विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले शुरुआती रुझानों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन भारी बहुमत की ओर बढ़ता दिख रहा है जिसके बाद दोनों दलों के कार्यालयों में जश्न शुरू हो गया है। वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन के खेमे में मायूसी का माहौल है। पूर्णिया के सांसद रह चुके पप्पू यादव भी दुखी नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा है कि ये नतीजे बिहार के लिए दुर्भाग्यपूर्ण हैं। रुझानों में स्थिति काफी हद तक स्पष्ट होने के बाद मीडिया के बातचीत के दौरान जन अधिकार पार्टी के प्रमुख ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, “नतीजा स्वीकार करना पड़ेगा, लेकिन ये बिहार के लिए दुर्भाग्य होगा।” उन्होंने आगे कहा, “जनता को मैं कुछ नहीं कह सकता लेकिन बिहार के लिए ये दुर्भाग्य होगा।”
प्रचंड जीत की ओर NDA
फिलहाल NDA राज्य की 243 विधानसभा सीटों में से 180 से अधिक पर बढ़त हासिल करते हुए प्रचंड जीत की ओर बढ़ रहा है। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर दोपहर तक उपलब्ध रुझानों के अनुसार, भाजपा 101 विधानसभा सीटों में से 80 से अधिक सीटों पर बढ़त के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती दिख रही है। ऐसे में भाजपा का यह प्रदर्शन उसे राजनीतिक रूप से और मजबूत करेगा और पिछले साल के लोकसभा चुनाव में मिले झटके की बहुत हद तक भरपाई करेगा। वहीं इस चुनाव में JDU को भी काफी फायदा मिलता दिख रहा है। साल 2020 के चुनाव में केवल 43 सीटें जीतने वाली नीतीश की पार्टी इस बार 70 से अधिक सीटों पर आगे है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) 20 से अधिक सीटों पर आगे है।
महागठबंधन का बुरा हाल
महागठबंधन का हाल बुरा है। पिछले विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी का तमगा हासिल करने के बावजूद प्रमुख विपक्षी पार्टी रही राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का प्रदर्शन बहुत ही निराशाजनक दिख रहा है और वह 40 से कम सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। राजद ने इस चुनाव में 140 से भी अधिक सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसके अलावा 61 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस दहाई के आंकड़े तक पहुंचने में विफल होती दिख रही है।
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