झांसी की सड़कों पर वीरांगनाओं की रैली, 600 महिलाएं रानी लक्ष्मीबाई बनकर निकलीं

उत्तर प्रदेश राज्य

 झांसी

बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरती झांसी में बुधवार को एक अनोखा दृश्य देखने को मिला. वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की 197वीं जयंती पर 500 से 600 महिलाओं ने रानी के परिधान पहनकर दोपहिया वाहनों पर भव्य रैली निकाली. यह रैली न केवल रानी लक्ष्मीबाई के साहस की याद दिला रही थी, बल्कि आधुनिक महिला शक्ति का एक सामूहिक रूप भी दिखा रही थी.

समर्पण सेवा समिति द्वारा आयोजित इस वीरांगना वाहन रैली को उत्तर प्रदेश सरकार की मंत्री बेबी रानी मौर्य ने हरी झंडी दिखाकर शुरू किया. रैली झांसी किले की तलहटी से शुरू हुई. सुबह से ही रानी के स्वरूप में सजी महिलाओं का उत्साह देखने लायक था. डीजे पर बजते गीतों की धुन पर महिलाएं तलवारें हाथ में लिए पूरी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही थीं.

वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की 197वीं जयंती

रैली झांसी किला, इलाइट चौराहा, झांसी होटल, सदर बाजार और गोविंद चौराहा होते हुए रानी लक्ष्मीबाई पार्क में संपन्न हुई. पूरे मार्ग पर लोगों ने जगह जगह पुष्पवर्षा करके महिलाओं का स्वागत किया. रानी के भेष में स्कूटी और बाइक पर सवार महिलाएं शहर के लिए आकर्षण का केंद्र बन गईं.

समर्पण सेवा समिति की अध्यक्ष अपर्णा दुबे ने कहा कि यह रैली सिर्फ शोभायात्रा नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का संदेश है. उन्होंने बताया कि सभी महिलाएं रानी लक्ष्मीबाई के परिधान में थीं और यह दृश्य आधुनिक नारी की ताकत को दर्शाता है. रानी के रूप में सजी हिमांशी समाधिया ने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे उस भूमि से हैं जहां रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी थी.

महिलाएं तलवारें हाथ में लिए पूरी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ीं

युवती रितु ने कहा कि स्कूटी पर रानी के रूप में बैठना एक विशेष अनुभव है और वह इस रैली में शामिल होकर खुश हैं. झांसी की सड़कों पर महिलाओं की यह रैली वीरांगना के साहस और आधुनिक नारी की शक्ति को एक साथ दिखाती रही.

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