अभियान के दौरान चार जिलों से 51 दुपहिया एवं 1 चार पहिया वाहन जब्त
भोपाल
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वाहन चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण स्थापित करने हेतु चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत छतरपुर, खण्डवा और शिवपुरी जिलों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। सतत मॉनिटरिंग, तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र की सक्रियता और त्वरित फील्ड कार्रवाई के आधार पर पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोरी से जुड़े नेटवर्क पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए कुल 39 दोपहिया एवं 1 चार पहिया वाहन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 31 लाख रूपए से अधिक आंकी गई है।
प्रमुख कार्रवाई
रीवा- जिले की कोतवाली पुलिस ने मोटर साइकल चोरी में लिप्त एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की 12 मोटर साइकलें बरामद की गईं, जिनकी कीमत लगभग 8 लाख रुपये है। पूछताछ में आरोपियों द्वारा रीवा सहित अन्य जिलों में भी चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है।
छतरपुर- जिले में थाना सिविल लाइन एवं कोतवाली पुलिस ने अंतरराज्यीय मोटरसाइकिल चोर गिरोह के सरगना सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में छतरपुर, पन्ना, जालौन, दतिया एवं महोबा जिलों से चोरी की गई कुल 23 मोटरसाइकिलें, जिनकी कीमत लगभग 14 लाख रूपए है, बरामद हुईं।
खण्डवा- जिले में पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में संचालित अभियान के दौरान पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से चोरी की गई 10 मोटरसाइकिलें बरामद कीं, जिनकी कीमत लगभग 8 लाख रूपए है। इसके अलावा गुलमोहर कॉलोनी से चोरी हुई कार (6 लाख रूपए) का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
शिवपुरी- जिले में थाना कोलारस पुलिस ने मुखबिर सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया तथा उसके कब्जे से चोरी की गई 06 मोटरसाइकिलें एवं विभिन्न वाहनों के इंजिन, चेसिस, टंकी और सीट कवर आदि सामान बरामद किया। जांच में सामने आया कि आरोपी वाहनों का रंग बदलकर और नकली नंबर प्लेट लगाकर उन्हें बेचने का प्रयास कर रहा था। बरामद सामग्री की कुल कीमत लगभग 3 लाख आंकी गई है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व नवंबर माह में ही मध्यप्रदेश पुलिस ने विभिन्न जिलों से कुल 54 मोटरसाइकिलें बरामद की थीं, जिनमें छतरपुर, दमोह, अशोकनगर, मंडला, मंदसौर, शिवपुरी, बैतूल, ग्वालियर, छिंदवाड़ा और उज्जैन जिले शामिल हैं। यह उपलब्धि पुलिस की निरंतर मॉनिटरिंग, मजबूत मुखबिर तंत्र और समय पर की गई कार्रवाई का प्रत्यक्ष परिणाम है।
इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट होता है कि मध्यप्रदेश पुलिस की सतर्कता, तकनीकी दक्षता, त्वरित प्रतिक्रिया तथा फील्ड पर केंद्रित कार्यप्रणाली के चलते वाहन चोरी से जुड़े प्रकरणों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है। इस प्रकार की कार्रवाई से नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना और अधिक मजबूत हुई है।
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