ग्रेटर नोएडा
विश्व मुक्केबाजी फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने का नूपुर का सपना पूरा हो गया है। ग्रेटर नोएडा के शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में गुरुवार को नूपुर ने 80+ किग्रा फाइनल में उज्बेकिस्तान की सोटिम्बोएवा ओल्टिनोय को हराकर स्वर्ण पदक जीता। मीडिया से बात करते हुए नूपुर ने कहा, "मुझे स्वर्ण पदक की बहुत ज्यादा जरूरत थी। पिछले महीने फाइनल में मिली हार के बाद मेरी नींद उड़ी हुई थी। शुरुआती 10 दिन तो सिर्फ मैं उस फाइनल और अपनी हार के बारे में ही सोचती रही। इसलिए यहां मेरे लिए स्वर्ण पदक जीतना बेहद अहम था।"
उन्होंने कहा, "मेरे एक वीडियो पर मुझे ट्रोल किया गया था। मेरा रजत पदक आया था और मैंने कहा था कि मैं इसे स्वर्ण बनाऊंगी। इसके लिए मुझे ट्रोल किया गया था। मेरे आत्मविश्वास को अति आत्मविश्वास बताकर देश में ही मुझे ट्रोल किया गया था। मैं सोशल मीडिया का उपयोग बहुत कम करती हूं। मुझे तीन-चार दिन बाद पता चला कि मुझे ट्रोल किया जा रहा है। मुझे उस समय बिल्कुल अच्छा नहीं लगा था। मैं उन सभी ट्रोलर्स को यही कहना चाहूंगी कि अगर आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ विश्वास नहीं रखेंगे, तो आप उसे हासिल नहीं कर पाएंगे। इसलिए किसी को भी ट्रोल करना बंद करें।"
नूपुर ने कहा कि हम तीन मुक्केबाजी विश्व कप में जा चुके हैं, जैसी विश्वस्तरीय सुविधा भारत में इस बार मिली है। वैसी सुविधा मैंने पहले कहीं नहीं देखी।
गुरुवार को भारत की तीन अन्य महिला पहलवानों मीनाक्षी, अरुंधति और प्रीति ने भी अपने-अपने भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। मीनाक्षी ने 48 किग्रा फाइनल में फोजिलोवा फरजोना को, अरुंधति चौधरी ने महिलाओं के 70 किग्रा फाइनल में उज्बेकिस्तान की जोकिरोवा अजीजा को और प्रीति ने 54 किग्रा फाइनल में इटली की सिरीन चाराबी को हराकर स्वर्ण पदक जीता।
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