राज्यपाल पटेल का बयान—श्रेष्ठ कार्य करने वालों को मिलता है सम्मान

मध्य प्रदेश राज्य

राज्यपाल पटेल का बयान—श्रेष्ठ कार्य करने वालों को मिलता है सम्मान

अच्छे व्यक्तियों को सदैव मिलता है सम्मान : राज्यपाल  पटेल

एकाग्रता और समर्पण से मिलती सफलता : राज्यपाल  पटेल

राज्यपाल से मिले प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर

भोपाल 

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि  हर समय, हर समाज में अच्छे व्यक्तियों का सदैव सम्मान होता है। संवेदनशीलता पूर्वक किए सेवा कार्यों से आत्मिक आनंद मिलता है। भौतिक सुविधाओं का सुख क्षणिक होता है। पूरी एकाग्रता और समर्पण के साथ सीखना ही भावी जीवन की सफलताओं का आधार है। प्रशिक्षण के दौरान छोटी सी चूक भविष्य की बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। राज्यपाल श्री पटेल शुक्रवार को राजभवन में आए आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव भी मौजूद थे।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रकृति के जीवों में सबसे शक्तिशाली मानव है, जिसे बुद्धि और वाणी के रूप में अद्वितीय शक्ति मिली है। इन शक्तियों के सार्थक उपयोग से व्यक्ति उतरोत्तर बेहतर बनता है। आवश्यकता, बुद्धि के सकारात्मक और वाणी के शालीन उपयोग की है। उन्होंने कहा कि भावी जीवन में सदैव सीखने और अनुभवों से समझने का भाव रहना चाहिए। महत्वपूर्ण उपयोगी व्यवहारिक ज्ञान समाज के सबसे वंचित, पिछड़े और गरीब व्यक्तियों से ही मिलता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सिविल सेवक सरकार और जनता के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। सुशासन का आधार होते हैं। सुशासन की प्राथमिक आवश्यकता है कि अधिकारी संवेदनशीलता, विवेक, न्यायोचित व्यवहार और तथ्यों के आधार पर निर्णय करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा योजनाओं का निर्माण वंचित, गरीब और पिछड़े व्यक्तियों, समुदायों की मदद और उत्थान के उद्देश्यों से होता है। योजना की मंशा के भाव, भावनाओं और हितग्राही की परिस्थितियों को समझे बिना उनके स्वरूप के निर्धारण और क्रियान्वयन से समस्याएं उत्पन्न होती है। उन्होंने नल-जल और आवास योजनाओं के प्रसंग के माध्यम से प्रशिक्षु अधिकारियों को क्रियान्वयन की जमीनी हकीक़तों से परिचित कराया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रशासनिक सफलता कमरों में रहकर कार्य से नहीं मिलती। क्षेत्र का सघन भ्रमण जरूरी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि योजना को कार्यालय में नहीं धरातल पर जाकर समझा जा सकता है।

राज्यपाल श्री पटेल को आर.सी.व्ही.पी. प्रशासन एवं प्रबंध अकादमी के संचालक श्री मुजीबुर्रहमान खान ने प्रशिक्षण के स्वरूप और व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई से 19 दिसम्बर तक के लिए आयोजित परिचयात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम में 24 डिप्टी कलेक्टर शामिल है। मैदानी चुनौतियों और स्वच्छ प्रशासन के लिए नियमों, प्रावधानों और सॉफ्ट सिकल, अंतर्विभागीय समन्वय के विभिन्न आयाम प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में सम्मिलित है। प्रशिक्षार्थियों को पुलिस ट्रेनिंग, भू-सर्वेक्षण और विकासात्मक गतिविधियों से परिचित कराने प्रदेश के विभिन्न जिलों और तेलंगाना राज्य का भ्रमण भी कराया गया है।

राज्यपाल के समक्ष प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर सुश्री कविता यादव और श्री निशांत भूरिया ने प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा किया। आभार प्रदर्शन सह-प्रशिक्षण संचालक सुश्री रुचि जैन ने किया। राज्यपाल को अकादमी संचालक ने स्मृति चिन्ह भेंट किया।    

 

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