हरियाणा
10 अक्तूबर को हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा परिणाम घोषित हुआ था। इस पर कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद 1284 अभ्यर्थी कैसे बढ़ गए? जब परीक्षार्थियों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया था तो इनकी संख्या करीब 46,094 थी लेकिन जब 10 नवंबर को परिणाम जारी हुआ तो इनकी संख्या 47,378 हो गई।
बोर्ड चेयरमैन प्रो. डॉ. पवन कुमार का कहना है कि कुछ अभ्यर्थियों को हल्के डार्क बिंदु के कारण बेनिफिट ऑफ डाउट मिले तो पास होने वालों की संख्या बढ़ी है। परिणाम में देरी का कारण चौथी फर्म से ऑडिट और बोर्ड सचिव का तबादला रहा। पहले चरण की वैरिफिकेशन में काफी डाउन थे। पहली फर्म ने 40 हजार ओएमआर सीट को दोबारा स्केन किया। सीसीटीवी कैमरा, फेसिंग, बायोमेट्रिक पर संशय हुआ। जिस कारण चौथी फर्म से ऑडिट करवाना पड़ा। चौथी फर्म पी सेक्टर यूनिट से थी।
बता दें कि जो पहले वेरिफिकेशन के लिए करीब 46 हजार अभ्यर्थियों को बुलाया गया था, उनमें से करीब 40 हजार ही पहुंचे। जो रह गए, उन्हें ही बुलाया गया था। जो नए पास हुए है, उनके लिए जल्द ही नोटिफिकेशन जारी की जाएगी, उसके बाद उन्हें जांच के लिए बुलाया जाएगा।
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