चंडीगढ़ बिल विवाद: बिल वापसी को लेकर सुनील जाखड़ अमित शाह के दरवाज़े पर

राज्य

नई दिल्ली 
चंडीगढ़ को अन्य केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में शामिल करने वाले प्रस्तावित बिल को लेकर मचे राजनीतिक घमासान के बीच पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने स्पष्ट किया है कि वे शीघ्र ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बिल पर पुनर्विचार कर वापस लेने का अनुरोध करेंगे। विशेष बातचीत में जाखड़ ने कहा कि चंडीगढ़ पर पंजाब की भावनाओं को नज़रअंदाज़ करके केवल प्रशासनिक सुगमता के आधार पर कोई फैसला नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा, “पंजाब के लिए चंडीगढ़ केवल भौगोलिक इकाई नहीं है, यह हमारी भावनाओं से जुड़ा शहर है। ऐसे किसी भी प्रयास को वापस लिया जाना चाहिए। हम केंद्र से समय मांगकर यह मुद्दा उठाएंगे और बिल को वापस लेने की मांग करेंगे।”
 
BJP पंजाब कोर कमेटी की बैठक
रविवार सुबह पंजाब बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक हुई, जिसमें केंद्र के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। इसमें यह राय बनी कि बिल का समय बेहद संवेदनशील है और इससे पंजाब में अनावश्यक अविश्वास का माहौल बन सकता है। बैठक के बाद जाखड़ ने कहा, “चंडीगढ़ पंजाब का अभिन्न हिस्सा है। चंडीगढ़ या पानी के मुद्दे पर पंजाब बीजेपी राज्यहितों के साथ मजबूती से खड़ी है। जो भी भ्रम पैदा हुआ है, उसे हम केंद्र से बातचीत कर दूर करेंगे। एक पंजाबी होने के नाते मैं आश्वस्त करता हूं कि हमारे लिए पंजाब सबसे पहले है।” बैठक में पंजाब बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, संगठन मंत्री मंत्री श्रीनिवासुलु तथा केंद्रीय स्तर पर राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, कोर कमेटी के ज्यादातर सदस्यों ने माना कि प्रस्तावित बिल का समय ठीक नहीं है और इससे पंजाब की “भावनात्मक प्रतिक्रिया” प्रभावित हो सकती है।

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