तेल अवीव:
अल जजीरा ने गाजा सरकार के मीडिया ऑफिस के बयान का हवाला देते हुए बताया कि 10 अक्टूबर को युद्धविराम लागू होने के बाद से इजराइल ने सिर्फ 44 दिनों में लगभग 500 बार गाजा सीजफायर तोड़ा है. इसके कारण सैकड़ों फिलिस्तीनियों की मौत हो गई.
ऑफिस के अनुसार इन उल्लंघनों के दौरान 342 आम लोग मारे गए हैं. इनमें ज्यादातर बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं. ऑफिस ने कहा, 'हम इजराइली कब्जा करने वाले अधिकारियों द्वारा सीजफायर समझौते के लगातार गंभीर और व्यवस्थित रूप से उल्लंघन की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं.' उन्होंने आगे कहा, 'ये उल्लंघन अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और समझौते से जुड़े मानवीय प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन है. इन उल्लंघनों में से 27 आज, शनिवार को हुए जिनमें 24 लोग मारे गए और 87 घायल हुए.'
अल जजीरा के अनुसार ऑफिस ने यह भी कहा कि इजराइल अपने उल्लंघन से होने वाले मानवीय और सुरक्षा नतीजों के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है. जैसा कि संघर्ष विराम समझौते में जरूरी था, इजराइल तबाह हुए इलाके में बहुत जरूरी मदद और मेडिकल सप्लाई के पूरे और निर्बाध आवाजाही पर भारी रोक लगा रहा है.
शनिवार (लोकल टाइम) को इजराइली सेना ने गाजा में ताबड़तोड़ हवाई हमले शुरू कर दिए. इसमें बच्चों समेत कम से कम 24 फिलिस्तीनी मारे गए. यह युद्ध से जूझ रहे इलाके में छह हफ़्ते पुराने संघर्ष विराम का नया उल्लंघन था. इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस ने कहा कि ये हमले तब किए गए जब हमास के एक लड़ाके ने गाजा की तथाकथित येलो लाइन के अंदर इजराइली सैनिकों को निशाना बनाया.
ये इजराइली नियंत्रण वाला क्षेत्र है. इजराइली बयान में कहा गया, 'जवाब में इजरायल ने हमास के पांच सीनियर लड़ाकों को मार गिराया.' हालांकि, हमास ने इजरायल के बयान को चुनौती दी और दावे का सबूत मांगा.
अल जजीरा के मुताबिक हमास के पॉलिटिकल ब्यूरो के एक सीनियर अधिकारी इज्जत अल-रिशेक ने गाजा डील के मीडिएटर्स और अमेरिका से अपील की कि वे इजराइल पर अपने दावे का समर्थन करने और गाजा समझौते को लागू करने के लिए दबाव डालें. स्थानीय अधिकारियों ने कहा है कि उत्तरी गाजा में दर्जनों फिलिस्तीनी परिवारों को घेर लिया गया है, क्योंकि इजराइली सेना ने सीजफायर समझौते का उल्लंघन करते हुए अपनी सेना को इलाके में और अंदर भेज दिया है.
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