हवाला केस में कॉल डिटेल्स चौंकाने वाली: पूजा पांडे ने जीजा को दी थीं अहम जानकारियाँ

मध्य प्रदेश राज्य

सिवनी
तीन करोड़ रुपये की हवाला राशि हड़पे जाने के मामले की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं। एसआईटी की पूछताछ में जबलपुर निवासी वीरेंद्र दीक्षित ने कहा कि एसडीओपी पूजा पांडे जब भी गश्त में या रात में कार्रवाई करने बाहर जाती थी, तो उसे मोबाइल पर बताती थी। डकैती की रात दोनों में 53 बार बात हुई थी। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपित वीरेंद्र दीक्षित ने अपने मोबाइल का वाट्सएप चैट और डेटा डिलीट कर दिया था। पुलिस को जब्त कराए मोबाइल का सिमकार्ड तो पुराना था, लेकिन हैंडसेट बदल दिया गया, जो आपराधिक षड्यंत्र में सहभागिता को दर्शाता है।
 
जबलपुर के हवाला कारोबारी व पंचशील नगर गौरीघाट निवासी पंजू गिरी गोस्वामी (40) की संलिप्तता के प्रमाण भी मिले हैं। दोनों आरोपितों ने जिला न्यायालय सिवनी में जमानत याचिका लगाई थी, लेकिन विशेष न्यायाधीश गालिब रसूल ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि अभी अन्वेषण जारी है। तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए वह जमानत के लाभ के पात्र नहीं हैं।

सुनियोजित तरीके से दिया अंजाम
एसआईटी ने न्यायालय में प्रस्तुत प्रतिवेदन में स्पष्ट किया है कि घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। 20 नवंबर को जेल भेजे गए बालाघाट हाक फोर्स के डीएसपी पंकज मिश्रा, पूजा का जीजा वीरेंद्र दीक्षित, आरक्षक प्रमोद सोनी और हवाला कारोबारी पंजू गोस्वामी की इसमें अहम भूमिका रही। प्रमोद सोनी, पंकज मिश्रा, पंजू एक दूसरे के संपर्क में रहते थे। वहीं पूजा अपने जीजा वीरेंद्र व पंकज से लगातार बात करती रहीं।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry