PSEB ने किया नियमों में संशोधन, सर्टिफिकेट वितरण प्रक्रिया में आया बड़ा बदलाव

राज्य

पंजाब 
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट की दूसरी कॉपी जारी करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब किसी भी अभ्यर्थी को डुप्लिकेट सर्टिफिकेट लेने के लिए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाना अनिवार्य होगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि बिना पुलिस रिपोर्ट के कोई भी सेकेंड कॉपी जारी नहीं की जाएगी।
फटे हुए सर्टिफिकेट को जमा करना होगा अगर किसी का मूल प्रमाणपत्र फट गया है, तो उसकी सेकेंड कॉपी पाने के लिए आवेदक को वह क्षतिग्रस्त सर्टिफिकेट बोर्ड में जमा करवाना पड़ेगा। बोर्ड ने इस संबंध में सभी स्कूल प्रिंसिपलों को भी निर्देश भेज दिए हैं।

पुलिस रिपोर्ट के साथ एफिडेविट भी जरूरी
गुमशुदगी के मामले में उम्मीदवार को पुलिस रिपोर्ट के साथ एक शपथ-पत्र देना होगा, जिसमें यह उल्लेख होना चाहिए कि यदि भविष्य में मूल सर्टिफिकेट मिल जाता है तो वह तुरंत उसे बोर्ड कार्यालय में लौटाएगा। बोर्ड का कहना है कि यह कदम उन आवेदनों को फिल्टर करेगा, जिनमें वास्तविक आवश्यकता नहीं होती।

लोन के लिए सर्टिफिकेट बैंक में जमा—बोर्ड हुआ परेशान
बोर्ड के अनुसार, कई युवा शिक्षा प्रमाणपत्र बैंक में गिरवी रखकर लोन ले लेते हैं। उसके बाद वे बोर्ड से दूसरी कॉपी निकलवा लेते हैं, जिससे कई बार कानूनी जटिलताएँ पैदा हो जाती हैं। नई व्यवस्था से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सर्टिफिकेट वास्तव में खोया है या खराब हुआ है।
 
ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरीकों से कर सकेंगे आवेदन
PSEB ने आवेदन प्रक्रिया को लचीला रखते हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए हैं। ऑफलाइन आवेदन के लिए उम्मीदवारों को मोहाली स्थित बोर्ड मुख्यालय के सिंगल विंडो काउंटर पर जाना होगा। वहीं, ऑनलाइन आवेदन घर बैठे किया जा सकता है।

2002 से पहले की मार्कशीट—अब केवल पास/फेल जानकारी मिलेगी
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्ष 2002 से पहले की  डिटेल मार्क्स शीट चाहिए तो उसे सब्जेक्ट वाइज मार्क्स की डिटेल नहीं मिलेगी। मार्क्स डिटेल उपलब्ध नहीं करवाई जाएगी। इन मामलों में केवल पास या फेल की स्थिति बताई जाएगी, विषयवार अंक नहीं।

2020–2024 बैच के छात्रों के सामने उलझन
2020 से 2024 के बीच बोर्ड ने विद्यार्थियों को केवल ई-सर्टिफिकेट जारी किए थे। जिन छात्रों ने हार्ड कॉपी के लिए शुल्क जमा करवाया था, उन्हें ही प्रिंटेड प्रमाणपत्र मिले। अब इस अवधि के छात्रों को डुप्लिकेट कॉपी की आवश्यकता पड़ने पर यह स्पष्ट नहीं है कि प्रक्रिया क्या होगी—क्योंकि न तो वे गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं, न ही उनके पास क्षतिग्रस्त सर्टिफिकेट मौजूद होगा। बोर्ड इस स्थिति पर अभी कोई अंतिम दिशा-निर्देश जारी नहीं कर पाया है।

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