भारत सरकार के दल की मध्यप्रदेश के अधिकारियों से हुई चर्चा
भोपाल
सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद एमएसईएफसी के कार्यों की एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार की निदेशक श्रीमती अंकिता पांडे एवं विधि विशेषज्ञ सुश्री ईशा अग्रवाल ने गत दिवस समीक्षा की। आयुक्त, एमएसएमई श्री दिलीप कुमार तथा परिषद के अशासकीय सदस्यों श्री राजेश मिश्रा अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती, श्री महेश गुप्ता भूतपूर्व अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती एवं शासकीय सदस्य सिडबी बैठक में मौजूद थे।
बैठक के दौरान एमएसएमई ओडीआर पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों के त्वरित निपटारे तथा लंबित मामलों को ओडीआर प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की गई ताकि सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को समयबद्ध तथा पारदर्शी न्यायिक सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। मध्यप्रदेश एमएसईएफसी के सचिव श्री राजेश अग्रवाल, सहायक संचालक श्री शशिभूषण दुबे एवं सहायक प्रबंधक श्रीमती अनुश्री सक्सेना द्वारा ओडीआर पोर्टल में मध्यप्रदेश की प्रभावी सहभागिता के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी उन्होंने बताया कि वर्तमान में मध्यप्रदेश एमएसईएफसी द्वारा व्हाट्सऐप एवं ई-मेल के माध्यम से नोटिस जारी किए जा रहे हैं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पक्षकारों को घर बैठे सुनवाई का अवसर प्रदान किया जा रहा है तथा परिषद द्वारा कोई कोर्ट फीस नहीं ली जाती। साथ ही आरआरसी के माध्यम से वसूली की प्रक्रिया से एमएसई इकाइयों को त्वरित राहत मिल रही है।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा मध्यप्रदेश एमएसईएफसी की सुनवाई बैठक का अवलोकन भी किया गया तथा ओडीआर पोर्टल पर राज्य की सक्रिय सहभागिता एवं प्रभावी कार्य प्रणाली की सराहना की गई। इस अवसर पर श्रीमती पांडे ने ओडीआर प्लेटफॉर्म को एमएसएमई विवाद निवारण के लिए एक सशक्त और उपयोगी डिजिटल पहल बताया। आयुक्त श्री दिलीप कुमार ने कहा कि मध्यप्रदेश एमएसईएफसी, एमएसएमई मंत्रालय के साथ निरंतर समन्वय बनाते हुए कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश इस डिजिटल पहल में अग्रणी राज्यों में शामिल है और भविष्य में भी ओडीआर प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करता रहेगा।
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