रायपुर
छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात की. इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चैंबर के अध्यक्ष सतीश थौरानी ने किया. बैठक के दौरान, चैंबर ने प्रदेश में लागू नई गाइडलाइन दरों और अचल संपत्ति के पंजीयन शुल्क से जुड़ी तकनीकी चुनौतियों पर अपने सुझाव वित्त मंत्री के समक्ष रखे.
चैंबर ने सुझाव दिया कि अचल संपत्तियों के मूल्यांकन और शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया को इस प्रकार संशोधित किया जाए, जिससे आवासीय खरीददारों, उद्यमियों, व्यापारिक संस्थाओं और रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े सभी वर्गों को राहत मिले. इसके साथ ही, इन बदलावों के जरिए राज्य में निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को और अधिक सुगम बनाने का प्रस्ताव रखा गया.
सतीश थौरानी ने कहा कि वित्त मंत्री ने चैंबर के सुझावों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सभी सुझावों पर विभागीय स्तर पर गहन विचार-विमर्श और अध्ययन किया जाएगा.
इस बैठक में चैंबर के कई प्रमुख सदस्य भी उपस्थित थे, जिनमें सलाहकार तिलोकचंद बरडिया, कार्यकारी अध्यक्ष राधाकृष्ण सुंदरानी, राजेश वासवानी, जसप्रीत सिंह सलूजा, जितेन्द्र शादीजा, मनीष प्रजापति, राकेश वाधवानी, जतिन नचरानी, हरचरण सिंह साहनी, और अमित गोयल प्रमुख रूप से शामिल थे.
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