श्रीलंका में भीषण तूफान का असर—एयरपोर्ट पर 300 भारतीय बिना खाना-पानी तीन दिन से परेशान

दुनिया

श्रीलंका 
चक्रवाती तूफान ‘दित्वाह’ ने तमिलनाडु और श्रीलंका में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इसी कारण करीब 300 भारतीय यात्री, जिनमें लगभग 150 तमिलनाडु के यात्री शामिल हैं, पिछले तीन दिनों से कोलंबो के बांदरणायके इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। सभी यात्री दुबई से भारत के लिए श्रीलंका होते हुए लौट रहे थे, लेकिन खराब मौसम के कारण चेन्नई आने वाली उड़ानें लगातार रद्द हो रही हैं।

 फंसे यात्रियों की हालत गंभीर
यात्रियों ने बताया कि उन्हें  पर्याप्त खाना-पानी नहीं मिल रहा, आराम की उचित जगह नहीं है, और एयरपोर्ट पर सुविधाएं बेहद सीमित हो गई हैं।उड़ानों की अनिश्चितता के चलते कई लोग चिंतित और परेशान दिखाई दिए। यात्रियों की स्थिति का संज्ञान लेते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने  पब्लिक डिपार्टमेंट के सचिव को निर्देश दिए और भारतीय उच्चायोग, कोलंबो से तत्काल समन्वय करने को कहा। इसके बाद भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने फंसे भारतीयों से संपर्क शुरू किया। उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए चर्चा की जा रही है।तमिलनाडु सरकार ने एयरपोर्ट पर फंसे सभी यात्रियों के लिए समय पर सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
  
तमिलनाडु में बंद हुए स्कूल
चक्रवात के असर से  चेन्नई, कडलूर, तंजावुर, नागपट्टिनम, कुंभकोणम, मयिलाडुथुरई,और रमेश्वरम में तेज हवाओं और भारी वर्षा की खबरें हैं। कई जिलों में स्कूल बंद,समुद्र तटों पर प्रवेश रोक,और निम्न इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। रमनाथपुरम में एक टूरिस्ट वैन पानी में फंस गई, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकल आए।

IMD का अपडेट
मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात दित्वाह श्रीलंका के उत्तर क्षेत्र से सटा हुआ बहुत धीरे-धीरे 8 किमी/घंटा की गति से उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ रहा है।सुबह 5:30 बजे यह करेकाल से 190 किमी दक्षिण-पूर्व, पुदुचेरी से 300 किमी और चेन्नई से 400 किमी दक्षिण स्थित था। 
 
भारत ने श्रीलंका को बढ़ाई मानवीय सहायता
तूफान से श्रीलंका में बिगड़ी स्थिति को देखते हुए भारत ने अपना ह्यूमैनिटेरियन मिशन “ऑपरेशन सागर बंधु” तेज किया है। शनिवार सुबह 12 टन राहत सामग्री लेकर  IAF का C-130J विमान कोलंबो पहुंचा। इससे पहले INS विक्रांत और INS उदयगिरि श्रीलंका को 4.5 टन सूखी राशन, 2 टन ताज़ा खाद्य सामग्री सहित अन्य आवश्यक सहायता पहुँचा चुके हैं। भारतीय उच्चायोग ने कहा कि “कठिन समय में भारत श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है। यह हमारे 'Neighbourhood First' नीति की प्रतिबद्धता है।”

 

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