भोपाल
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव की विभागीय समीक्षाओं पर तीखा तंज कसा है। पटवारी ने कहा कि भगवान ने CM को सद्बुद्धि दी कि “समीक्षा भी कोई शब्द होता है” और अब उन्होंने इसे अपनी डिक्शनरी में शामिल किया है। लेकिन आधे घंटे में हजारों करोड़ के बजट की समीक्षा कर देना “जनता को गुमराह करने की प्रक्रिया” है।
पटवारी ने आरोप लगाया कि तीन लाख करोड़ से ज्यादा के बजट की समीक्षा CM आधे-आधे घंटे में कर रहे है। ये तो सुपर कंप्यूटर से भी तेज दिमाग है। शिक्षा विभाग के 37 हजार करोड़, स्वास्थ्य विभाग के 62 हजार करोड़ की आधे घंटे में समीक्षा,ये कैसे संभव है? ये समीक्षा नहीं, महज इवेंट और लीपापोती है।
उन्होंने प्रधानमंत्री से भी आग्रह किया कि पूरे देश के मुख्यमंत्रियों की ट्रेनिंग मोहन यादव से करवा दो, क्योंकि इतनी तेज समीक्षा कोई और नहीं कर सकता। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि अगर कोई भी मंत्री अपने विभाग को ईमानदार बता दे, तो वे उसका पूरा हिसाब-किताब उठाकर सीधे मुख्यमंत्री के पास पहुंच जाएंगे।
उन्होंने सुझाव दिया कि CM ऑफिस में एक अलग विभाग बनाया जाए, जो हर मंत्रालय की गहराई से समीक्षा करे। क्या खोया-क्या पाया, कितना बजट खर्च हुआ, करप्शन क्यों बढ़ रहा है और इसे कैसे रोका जाए।
अंत में पटवारी ने कहा कि समीक्षा अच्छी बात है, लेकिन एक-एक विभाग पर कम से कम 2–5 घंटे का समय लगेगा। आधे घंटे में समीक्षा संभव नहीं। अगर हो रही है, तो सिर्फ दिखावा है। लीपा पोती है।
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