MP सरकार की हवाई उड़ान का बिल 11 महीनों में 90 करोड़, बढ़े किराए ने बढ़ाई चर्चा

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल
मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले 11 महीनें में 90 करोड़ रुपए का हवाई सफर कर डाला. जबकि पिछले 4 सालों में हवाई यात्राओं पर 290 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. पिछले छह सालों में विमान किराए की राशि में करीबन 80 फीसदी की बढोत्तरी हुई है. साल 2019 में विमान के किराए पर 1.63 करोड़ रुपए खर्च होते थे, जो साल 2025 में बढ़कर 90.7 करोड़ रुपए पहुंच गया है. विधानसभा में कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल और पंकज उपाध्याय के सवाल के जवाब में यह जानकारी सरकार ने विधानसभा में दी है. एक अन्य सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि, 'भुगतान मद में बजट राशि न होने की वजह से 15.30 करोड़ का भुगतान अभी बाकी है.

मेंटेनेंस पर खर्च हुए 45 करोड़
मध्य प्रदेश सरकार के पास अभी 1 शासकीय हेलीकॉप्टर है, जिसका हवाई यात्राओं में उपयोग होगा है. जबकि एक अन्य विमान 2020 में ग्वालियर एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. विधानसभा में सरकार द्वारा जानकारी दी गई कि राज्य सरकार के पास मौजूदा हवाई वाहन के रखरखाव पर साल 2011-12 से अभी तक 45.24 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है. वहीं इस दौरान इसके ईंधन खर्च पर 11.05 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. इस हेलीकॉप्टर पर साल 2022-23 ने सबसे ज्यादा उड़ान भरी. इस साल इसमें 14 करोड़ रुपए का ईंधन खर्च हुआ. इसी साल इसके मेंटेनेंस पर भी 10.49 करोड़ हुए खर्च हुए.

विमान कंपनियों को चुकाए 290 करोड़
जानकारी में बताया गया कि, राज्य सरकार द्वारा जनवरी 2021 से लेकर नंवबर 2025 के दौरान विमान किराए पर 290 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई. वहीं इस साल 2025 में जनवरी से लेकर नवंबर माह के दौरान निजी विमान कंपनियों पर 90.7 करोड़ रुपए की राशि हवाई उड़ान में खर्च की गई. हवाई उड़ान में खर्च की राशि में पिछले 4 सालों के दौरान भारी बढोत्तरी हुई है. साल 2019 में विमान किराए पर सिर्फ 1.63 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई थी, लेकिन अब बढ़कर 90.7 करोड़ रुपए पहुंच गई है.

2022-23 से बढ़ाया विमान का किराया
कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने बताया कि, ''सरकार ने उनके सवाल में जानकारी दी है कि 2022-23 से 2024-25 तक विमान किराए में 20 से 30 फीसदी की बढोत्तरी की गई है. 4 अप्रैल 2023 को आयुक्त विमानन द्वारा जारी पत्र में कहा गया कि पोस्ट कोविड में पर्यटन बढ़ने के कारण विमान की मांग बढ़ गई है. कोविड के कारण विमान हेलीकॉप्टर का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और लोकसभा चुनाव होने से विमान किराए की मांग बढ गई है.

साथ ही इनके रखरखाव और ईंधन में बढोत्तरी हुई है, इसलिए किराया बढ़ाया जाना तय किया गया है. इस आधार पर जिन विमान का किराया 2022-23 में 4.45 लाख प्रतिघंटा उसे बढ़ाकर 2024 में 5.70 लाख प्रति घंटा किया गया और जिन विमान का किराया 3.5 लाख प्रति घंटा था, उसे बढ़ाकर 4.75 लाख प्रतिघंटा किया गया.''

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