यमन
यमन में करीब पांच महीने से कैद भारतीय क्रू मेंबर अनिलकुमार रवींद्रन को आखिरकार रिहा कर दिया गया है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी है। मंत्रालय के बयान के मुताबिक रवींद्रन लाइबेरिया झंडे वाली ग्रीक के एक बल्क कैरियर शिप MV Eternity C के क्रू का हिस्सा थे। इस जहाज पर बीते जुलाई महीने में हूती विद्रोहियों ने हमला किया था।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक हमले के बाद रवींद्रन को पकड़ लिया गया था और वह 7 जुलाई 2025 से हिरासत में थे। मंत्रालय ने बताया कि रवींद्रन बुधवार को ओमान के मस्कट पहुंच गए हैं और जल्द ही भारत लौटने की उम्मीद है। इससे पहले सरकार लंबे समय से उनकी सुरक्षित रिहाई और वापसी सुनिश्चित करने के लिए कई पक्षों के साथ लगातार समन्वय कर रही थी।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, “भारत सरकार, MV Eternity C के भारतीय क्रू मेंबर अनिलकुमार रवींद्रन की रिहाई का स्वागत करती है। वह 7 जुलाई 2025 से यमन में हिरासत में थे। रवींद्रन मस्कट पहुंच गए हैं और जल्द ही भारत लौटेंगे। सरकार इस मामले में कई पक्षों के साथ समन्वय कर रही थी।”
ओमान के प्रति आभार
भारत ने रवींद्रन की रिहाई में सहयोग के लिए ओमान सरकार का आभार जताया है। हूती समर्थित मीडिया अल-मसीरा ने बताया है कि इस रिहाई में ओमान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई और क्रू को सुरक्षित तरीके से सना से मस्कट पहुंचाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक हूती विद्रोहियों द्वारा जुलाई में निशाना बनाए गए Eternity C जहाज के सभी 10 क्रू मेंबरों को रिहा कर सना से ओमान ट्रांसफर किया गया है।
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