12वीं पास कैसे करें मर्चेंट नेवी व इंडियन नेवी में करियर की शुरुआत? अंतर और अवसरों पर एक्सपर्ट की राय

करियर & जॉब

नई दिल्ली

मर्चेंट नेवी भारतीय नौसेना से किस प्रकार भिन्न है, इसमें कैसे करियर बना सकते हैं, इस सवाल पर करियर काउंसलर कहते हैं कि मर्चेंट नेवी के अंतर्गत समुद्र के रास्ते बड़े जहाजों के माध्यम से तेल, गैस, कंटेनर, कोयला, अनाज और अन्य माल दुनिया भर में पहुंचाया जाता है। यह भारतीय नौसेना से अलग है। भारतीय नौसेना देश की सुरक्षा और युद्ध से जुड़ा काम करती है, जबकि मर्चेंट नेवी पूरी तरह कमर्शियल और व्यापार से संबंधित माल ढुलाई करती है। मर्चेंट नेवी में तीन मुख्य विभाग होते हैं : डेक विभाग, जिसका काम है जहाज को सुरक्षित रास्ते से ले जाना, समुद्री परिस्थितियों को समझना आदि। इस विभाग में आप जिन पदों पर काम करते हैं, उनमें डेक कैडेट, थर्ड ऑफिसर, सेकंड ऑफिसर, चीफ ऑफिसर या कैप्टन हो सकता है।

दूसरा है इंजन विभाग, जो जहाज के इंजन, मशीनों और तकनीकी उपकरणों की देखरेख करता है। नियुक्ति इस विभाग में होती है, तो आप जिन पदों पर काम करते हैं, उनमें इंजन कैडेट, फोर्थ इंजीनियर, थर्ड इंजीनियर, सेकंड इंजीनियर या चीफ इंजीनियर हो सकता है। तीसरा सर्विस या केटरिंग विभाग होता है, जो खानपान, स्टोर मैनेजमेंट और क्रू की दूसरी जरूरतों को संभालता है। इसमें स्टुअर्ड, कुक जैसे लोग काम करते हैं।

मर्चेंट नेवी में कैसे पाएं एंट्री

मर्चेंट नेवी में करियर बनाने के लिए पीसीएम से 10+2 करना, अंग्रेजी पर अच्छी पकड़ होना तथा शारीरिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी है। विजन भी 6/6 होना जरूरी है। भारत में मर्चेंट नेवी पाठ्यक्रमों के लिए एक विशेष विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी है – इंडियन मेरीटाइम यूनिवर्सिटी। यह यूनिवर्सिटी मर्चेंट नेवी पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आईएमयू-सीईटी का आयोजन करती है। परीक्षा में अच्छे स्कोर पाने वाले छात्रों को 3 वर्षीय बीएससी इन नॉटिकल साइंस या 4 वर्षीय बीटेक इन मरीन इंजीनियरिंग कोर्स में दाखिला दिया जाता है। बीएससी इन नॉटिकल साइंस में नेविगेशन, जहाज संचालन, मौसम, समुद्री कानून, सुरक्षा जैसे विषयों को पढ़ाया जाता है। कोर्स पूरा होने पर आप डेक कैडेट बनते हैं।

वहीं, बीटेक इन मरीन इंजीनियरिंग जहाज के इंजन और मशीनरी से जुड़ा कोर्स है। इसके बाद इंजन कैडेट के रूप में जॉइनिंग मिलती है। ध्यान रहे, इस क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद भी शारीरिक और मानसिक फिटनेस बनाए रखना जरूरी होता है। विशेष जानकारी के लिए वेबसाइट imu.edu.in देखें।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry