भोपाल
आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय,मध्यप्रदेश एवं यूनिसेफ,मध्यप्रदेश के संयुक्त तत्वाधान में जन्म मृत्यु एवं विवाह पंजीयन के संबंध में प्रशिक्षण सह कार्यशाला 8 दिसम्बर को आयोजित होगी। आयुक्त एवं मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) आर्थिक एवं सांख्यिकी, श्री विकास मिश्रा ने बताया कि कार्यशाला सुबह 10 बजे से आर.सी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल में होगी।
आयुक्त एवं मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) आर्थिक एवं सांख्यिकी श्री मिश्रा ने बताया कि बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र उसकी एक पहचान है जो उसकी जन्म दिनांक एवं जन्म के स्थान को दर्शाती है। अक्टूबर 2023 से जन्म प्रमाण पत्र एक मात्र दस्तावेज जो हर क्षेत्र में मान्य किया जायेगा, चाहे वह स्कूल में एडमिशन हो नौकरी हो पासपोर्ट बनवाना हो इत्यादि। मृत्यु प्रमाण पत्र किसी भी व्यक्ति की मृत्यु का प्रमाण है जो यह बतलाता है कि वह अब इस दुनिया में नहीं है एवं उससे जुड़े समस्त क्लेम आदि उसके उत्तराधिकारी को दिए जा सकते है, का एक प्रमाणिक दस्तावेज है।
मध्यप्रदेश विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण नियम 2008 के अनुसार विवाह रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य है, जो दो नवदम्पति की शादी का प्रमाण होता है, जिसके अभाव में व्यक्ति को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है| इन दस्तावेजो की आवश्यकता एवं महत्ता को देखते हुए तथा इसकी उपलब्धता को आमजन तक पहुचाने एवं इसकी प्रक्रिया को सरल करने के सम्बन्ध में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के द्वारा लगातार अथक प्रयास किये जा रहे है। इस सम्बन्ध में यूनिसेफ तथा आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय के संयुक्त तत्वाधान में जिला रजिस्ट्रार (ज.मृ.) रजिस्ट्रार(ज.मृ.)- शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नगर पालिक निगम, चयनित खंड चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उप रजिस्ट्रार(ज.मृ.)- पंचायत सचिव इसके अतिरिक्त महिला बाल विकास विभाग से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम संगठन से चयनित महिला पदाधिकारी को भी इस कार्यशाला में आमंत्रित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जन-जन तक जन्म मृत्यु एवं विवाह प्रमाण पत्र का लाभ सुगमता से प्रदाय करना है।
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