किसानों के हक़ से खिलवाड़ पर सरकार का एक्शन: फर्जीवाड़े में 6 पटवारी सस्पेंड, CM सैनी सख्त

राज्य

चंडीगढ़ 
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसल खराबे से संबंधित एक ही फोटो कई बार अपलोड कर सरकारी धन का दुरुपयोग करने के मामलों पर कड़ा संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने ऐसे सभी मामलों में संबंधित पटवारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के आदेशों के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए जुई खुर्द (भिवानी), बोरीपुर (कुरुक्षेत्र), कालवन (जींद), जंडवाला (फतेहाबाद), पटौदी (गुरुग्राम) और निमली (दादरी) के पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है।

अन्य दोषियों की पहचान और कार्रवाई के लिए गहन जांच जारी है। शुक्रवार को यहां समीक्षा बैठकों के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक पात्र किसान तक बिना किसी भेदभाव के सहायता पहुंचे। सीएम ने कहा कि जो किसान वास्तविक रूप से नुकसान झेल चुके हैं, उन्हें मुआवजा समय पर मिलना चाहिए। इसके लिए हमने एक सप्ताह के भीतर मुआवजा जारी करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मानसून के दौरान अधिक वर्षा से हुए फसली नुकसान की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री पहले ही निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के आदेश दे चुके थे। रिपोर्टों में देरी और धोखाधड़ी के मामलों की पहचान होने पर सीएम ने चिंता व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ़ सुमिता मिश्रा, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव यशपाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी राज नेहरू, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव प्रभजोत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

धोखाधड़ी और गलत रिपोर्टिंग पर कड़ी चेतावनी
बैठक में स्पष्ट किया गया कि कई स्थानों पर जहां नुकसान नहीं हुआ, वहां भी पटवारियों द्वारा गलत रिपोर्टिंग की गई। इसके अलावा, एक ही फसल खराबे की फोटो को कई बार पोर्टल पर अपलोड करने का प्रयास सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर संकेत करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

राजस्व विभाग को सीधे आदेश
 बैठक में मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ़ सुमिता मिश्रा को निर्देश दिए कि सभी जिला उपायुक्तों से तुरंत रिपोर्ट मांगी जाए और प्रभावित किसानों को एक सप्ताह के भीतर मुआवजा प्रदान किया जाए। उन्होंने बजट घोषणाओं और मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा करते हुए इसे जल्द पूरा करने के लिए भी स्पष्ट आदेश दिए, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंच सके।

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