लुधियाना
सैंट्रल जी.एस.टी. विभाग ने कर चोरी को रोकने और सरकारी राजस्व की रिकवरी को सुनिश्चित करने के लिए कड़ा रुख अपनाते हुए नई कार्रवाई शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, विभाग ने साफ कर दिया है कि बोगस फर्में बनाकर फर्जी बिलिंग करने और करोड़ों रुपए का फर्जी इनपुट टैक्स क्रैडिट (आई.टी.सी.) लेने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
जानकारी मिली है कि विभाग ने सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए सीजी.एस.टी. एक्ट की धारा-83 के तहत टैक्स चोरी में शामिल करदाताओं की बैंक खाते व संपत्तियों को अटैच करना शुरू कर दिया है। अब तक कई मामलों में करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टी अटैच की जा चुकी है और आने वाले दिनों में और भी मामलों में कार्रवाई की तैयारी है। विभाग का मानना है कि ऐसे कदम सरकारी राजस्व को नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक हैं।
नई नेतृत्वकारी व्यवस्था से बढ़ी कार्रवाई की गति
बताया जा रहा है कि सैंट्रल जी.एस.टी. विभाग में नए प्रिंसीपल कमिश्नर के पदभार संभालने के बाद यह सख्त कार्रवाई संभव हो पाई है। सूत्रों का कहना है कि नए कमिश्नर का रिकॉर्ड उत्कृष्ट रहा है और वे टैक्स चोरी के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतते। उनका स्पष्ट मानना है कि विभाग अब टैक्स चोरी के खिलाफ किसी भी स्तर पर पीछे नहीं हटेगा।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

