मलकानगिरी
ओडिशा के मलकानगिरी जिले में सोमवार तड़के बड़ी हिंसा भड़क गई, जब हथियारबंद आदिवासी भीड़ ने बांग्लादेशी मूल के लोगों के एमवी-26 गांव पर हमला कर दिया और करीब 150 घरों को आग के हवाले कर दिया। यह हमला एक लापता आदिवासी महिला लेक पदियामी (51) का सिर कटा शव मिलने के बाद हुआ। महिला का शव पास के राखलगुडा गांव में नदी किनारे मिला था, जिसके बाद स्थानीय आदिवासी समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया।
स्थिति नियंत्रण में लाने की कोशिशें
घटना के बाद जिला प्रशासन ने इलाके में धारा 144 लागू कर दी और शाम 6 बजे से पूरे जिले में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएँ निलंबित कर दी हैं। प्रशासन ने संभावित प्रतिक्रियाओं को रोकने के लिए पुलिस की 8 प्लाटून और बीएसएफ की दो प्लाटून तैनात की हैं। मलकानगिरी पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च भी किया। DIG (दक्षिण-पश्चिमी) कंवर विशाल सिंह, डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर सोमेश कुमार उपाध्याय और एसपी विनोद पाटिल ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर दोनों समूहों के साथ बैठक की। पुलिस ने एमवी-26 गांव में हमले के मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि कई लोग फरार बताए जा रहे हैं।
आदिवासी संगठनों की मांग
आदिवासी संगठनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और महिला के कटे सिर की तलाश करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एमवी-26 गांव के सुका रंजन मंडल ने संपत्ति विवाद के चलते महिला की हत्या की। इसके बाद हजारों की भीड़ हथियारों के साथ एमवी-25 इलाके में जमा हो गई, जिससे हालात और बिगड़ गए। हिंसक भीड़ ने एमवी-26 और राखलगुडा गांव में तोड़फोड़ की और घरों व घास के ढेर में आग लगा दी। इससे दोनों समुदायों के बीच तनाव और बढ़ गया। जिले में हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं, लेकिन पुलिस का दावा है कि व्यवस्था नियंत्रण में है। एसपी विनोद पाटिल ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
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