खजुराहो
बुंदेलखंड विश्व प्रसिद्ध खजुराहो की वास्तुकला, मंदिरों और मूर्तियों की नक्काशी के लिए वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध है। दूसरी ओर सिंचाई सुविधाओं, उद्योगों की कमी से रोजगार के अवसरों का भी अभाव है। अब बुंदेलखंड का वैभव और बढ़ेगा। युवाओं को रोजगार देने वाला बनेगा। बुंदेलखंड के विकास से जुड़े कई प्रस्तावों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में खजुराहो में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई। सागर के मसवासी ग्रंट में औद्योगिक क्षेत्र को विशेष औद्योगिक पैकेज के तहत विकसित किया जाएगा। 24,240 करोड़ का संभावित निवेश आएगा। नौरादेही टाइगर रिजर्व में चीतों को बसाया जाएगा।
बुंदेलखंड वीरों-हीरों की धरती: सीएम
छतरपुर. सीएम डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की 1.26 करोड़ से ज्यादा लाड़ली बहनों को 1857 करोड़ की 31वीं किस्त जारी की। योजना के तहत अब तक 46500 करोड़ रुपए बहनों के खातों में भेजे जा चुके हैं। लाड़ली बहना सम्मेलन राजनगर में हुआ। संबोधन में सीएम ने कहा, बुंदेलखंड हीरों और महावीरों की पवित्र धरती है। क्षेत्र की गरिमा और गौरव को नई ऊंचाइयों पर ले जाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
ऐसे बदलेगी बुंदेलखंड की तस्वीर
– मसवासी ग्रंट में उद्योगों की स्थापना से 29 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। एक रुपए प्रति वर्गमीटर की दर पर निवेशकों को जमीन दी जाएगी। विकास शुल्क चुकाने के लिए 20 समान वार्षिक किस्तों की सुविधा मिलेगी।
– सागर से दमोह के बीच फोरलेन पर 13 अंडरपास, तीन बड़े पुल, 9 मध्यम पुल, एक आरओबी, 13 बड़े जंक्शन और 42 मध्यम जंक्शन बनाए जाएंगे।
-भू-अर्जन एवं अन्य कार्यों के लिए 323.41 करोड़ का भुगतान राज्य बजट से होगा।
– एमपी के दमोह, छतरपुर और बुधनी मेडिकल कॉलेज के लिए 990 नियमित और 615 आउटसोर्स कर्मी मिलेंगे। प्रत्येक चिकित्सा महाविद्यालय में 330 नियमित और 205 व्यक्तियों को आउटसोर्स पर रखा जाएगा।
– दमोह जिले की तेंदूखेड़ा तहसील की झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना 165 करोड़ 6 लाख की होगी। 17 गांवों का 3600 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा।
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