नई दिल्ली
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को नए साल में अपनी सैलरी में मामूली बढ़ोतरी से ही संतोष करना पड़ सकता है। जनवरी 2026 से लागू होने वाला महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) संशोधन इस बार सिर्फ 2 प्रतिशत बढ़ने की संभावना है। अगर ऐसा हुआ तो केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58% से बढ़कर 60% हो जाएगा। यह पिछले सात वर्षों में सबसे कम बढ़ोतरी होगी। बता दें कि महंगाई भत्ते की गणना औद्योगिक श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आधार पर होती है। जुलाई 2025 से अक्टूबर 2025 तक सूचकांक लगातार बढ़ा है। यह मुद्रास्फीति के बढ़ने का संकेत है। इसके बावजूद बढ़ोतरी इतनी तेज नहीं है कि भत्ते को 61% तक कर दिया जाए।
यह 7वें वेतन आयोग के 10-वर्षीय चक्र से बाहर होने वाला पहला संशोधन होगा। 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रहा है जबकि 8वें वेतन आयोग ने अभी अपना काम शुरू किया है। इसके संदर्भ-शर्तों (ToR) में लागू करने की तारीख का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है। आयोग के पास रिपोर्ट देने के लिए 18 माह हैं और आमतौर पर नई वेतन संरचना लागू होने में रिपोर्ट के बाद 1–2 साल लग जाते हैं। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग के लाभ 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत में मिल सकते हैं।
टेंशन में केंद्रीय कर्मचारी
कर्मचारियों की बड़ी चिंता यह है कि जनवरी 2026 से नई वेतन संरचना लागू होगी या नहीं क्योंकि सरकार ने संसद में इस पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इस वजह से यह लगभग तय माना जा रहा है कि महंगाई भत्ता मौजूदा संरचना के अनुसार ही अगले कुछ वर्षों तक जारी रहेगा, जब तक 8वां वेतन आयोग पूरी तरह लागू नहीं हो जाता। भत्ते में यह मामूली बढ़ोतरी इसलिए भी अहम है क्योंकि 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर उस समय का DA बेसिक पे में जोड़ा जाता है और DA फिर शून्य से शुरू होता है। यानी जनवरी 2026 से लेकर जुलाई 2027 तक होने वाले चार भत्ता संशोधन सीधे तौर पर नई वेतन संरचना में आपकी बेसिक सैलरी तय करेंगे।
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